जमुई जिला प्रशासन की हुड़दंगियों को सीधी चेतावनी: शांति भंग करने वालों पर ‘जीरो टॉलरेंस’; सद्भाव के गीतों के साथ मर्यादित होली की अपील - City Channel

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Saturday, February 28, 2026

जमुई जिला प्रशासन की हुड़दंगियों को सीधी चेतावनी: शांति भंग करने वालों पर ‘जीरो टॉलरेंस’; सद्भाव के गीतों के साथ मर्यादित होली की अपील

जमुई जिला प्रशासन की हुड़दंगियों को सीधी चेतावनी: शांति भंग करने वालों पर होगी ‘जीरो टॉलरेंस’ की कार्रवाई; सद्भाव के गीतों के साथ मर्यादित होली की अपील

सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू 

जमुई आगामी होली पर्व को शांति, सौहार्द और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में आयोजित शांति समिति की बैठक में जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल की अध्यक्षता में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक रणनीति तय की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि विकास और शांति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहार की खुशियों में खलल डालने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आम जनता से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली भ्रामक अफवाहों का हिस्सा न बनें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं, अन्यथा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया कि जिला पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान और पुलिस की सक्रियता शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को नाकाम कर देगी।

बैठक में जमुई की गंगा-जमुनी तहजीब की अनुपम मिसाल भी देखने को मिली। पवित्र रमज़ान माह और रोज़े के बावजूद मुस्लिम समाज के जनप्रतिनिधि और शांति समिति के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली संपन्न कराने के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। यह सहभागिता जमुई की साझा संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाने का सशक्त संदेश बनी।

बैठक के अंतिम चरण में प्रशासन ने संगीत के माध्यम से मर्यादित उत्सव का संदेश दिया। विशेष संगीत सत्र में ‘बाबा हरिहर नाथ’ जैसे पारंपरिक गीतों की स्वरलहरियों के जरिए यह संदेश दिया गया कि पर्व की सार्थकता अनुशासन और मर्यादा में निहित है। प्रशासन ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे हुड़दंग के बजाय गीतों की मिठास और आपसी मेल-मिलाप से होली को यादगार बनाएं। उपस्थित सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने का संकल्प दोहराया।

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