जमुई में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर, अलाव व्यवस्था पर उठे सवाल
जमुई : जमुई जिले में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पछुआ हवा के साथ लगातार बढ़ रही कनकनी से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। शनिवार को भी दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हुए, जिससे ठंड और गलन में और इजाफा दर्ज किया गया।
ठंड से बचाव को लेकर प्रशासन द्वारा चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था किए जाने के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के बाजारों और प्रमुख चौराहों पर स्थानीय लोगों और युवाओं का आरोप है कि उन्हें अलाव जलाने के लिए खुद लकड़ी का इंतजाम करना पड़ रहा है। नगर परिषद की ओर से की गई व्यवस्था को लोगों ने केवल कागजी करार दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय मजदूर, रिक्शा चालक, दुकानदार और राहगीर अलाव के सहारे ही ठंड से बचाव करते हैं, लेकिन पर्याप्त लकड़ी नहीं मिलने से अलाव जलाना भी मुश्किल हो रहा है। इससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इधर, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जिले में घना से बहुत घना कोहरा छाया हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, सुबह और रात के समय कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो जा रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक जिले में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। ठंड के कारण बाजारों में भीड़ कम नजर आ रही है और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिले के सभी स्कूलों में 4 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। साथ ही आम लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते समय सतर्कता बरतने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की जा रही है कि ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि गरीब, असहाय और राहगीरों को वास्तविक राहत मिल सके।

No comments:
Post a Comment