चकाई रेफरल अस्पताल निरीक्षण में सात कर्मी अनुपस्थित, डीएम ने वेतन/मानदेय पर लगाई रोक
🔹स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ करने को वरीय उप समाहर्त्ता को बनाया गया नोडल पदाधिकारी।
जमुई : असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जमुई द्वारा 16 जनवरी 2026 को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान रेफरल अस्पताल, चकाई में गंभीर लापरवाही सामने आई है। निरीक्षण के समय अस्पताल के कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए कर्मियों में डॉ. गायत्री कुमारी – प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चकाई, डॉ. विक्रांत कुमार – चिकित्सा पदाधिकारी, डॉ. प्रतीक प्रिया – चिकित्सा पदाधिकारी, डॉ. जितेन्द्र कुमार – चिकित्सा पदाधिकारी, डॉ. तरन्नुम परवीन – दन्त चिकित्सक, श्रीमती आशा कुमारी – एएनएम, श्री अरूण कुमार – प्रयोगशाला प्रावैधिक शामिल हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी, जमुई ने सभी अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण की माँग की है। साथ ही, उनके वेतन/मानदेय की निकासी पर अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में आगे और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इधर, जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्री सावन, वरीय उप समाहर्त्ता, जमुई को नोडल पदाधिकारी, स्वास्थ्य, जमुई के रूप में नामित किया गया है। वे असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी के बीच समन्वयक की भूमिका निभाएंगे।
नोडल पदाधिकारी का मुख्य दायित्व स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करना, निगरानी को प्रभावी बनाना तथा यह सुनिश्चित करना होगा कि जिले के आम नागरिकों को समय पर, सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित निरीक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

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