प्रोफेसर रनबीरनंदन : सेवा, संस्कार और समर्पण का पर्याय
पटना : भूतपूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी), बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष तथा वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता प्रोफेसर रनबीरनंदन का सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र में योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे पटना के अनिशाबाद क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में अपनी सादगी, जनसेवा और संवेदनशील नेतृत्व के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते हैं।
प्रोफेसर रनबीरनंदन ने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव गरीब, असहाय और वंचित वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी। जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने शिक्षा, सामाजिक समरसता और धार्मिक संस्थाओं के सुदृढ़ संचालन को अपनी कार्यशैली का केंद्र बनाया। स्थानीय लोगों के अनुसार वे ऐसे जननेता हैं, जो बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लिए उपलब्ध रहते हैं।
बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल को विशेष रूप से उल्लेखनीय माना जाता है। उनके नेतृत्व में मंदिरों और धार्मिक संस्थानों के प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करने, पारदर्शिता बढ़ाने और जनकल्याणकारी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल की गई। धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को जोड़ने का उनका प्रयास सराहनीय रहा।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने और राष्ट्रवादी विचारधारा को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। संगठनात्मक क्षमता और संवाद शैली के कारण वे कार्यकर्ताओं के बीच सम्मानित रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रोफेसर रनबीरनंदन केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाजसेवी व्यक्तित्व हैं, जो जनता के सुख-दुख में सदैव सहभागी रहते हैं। उनका सेवाभाव, अनुशासन और समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

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