जन्म–मृत्यु निबंधन पर जागरूकता रथ को डी.डी.सी. स्मृता कुमारी ने किया रवाना
गिरिडीह : समाहरणालय परिसर से उप विकास आयुक्त श्रीमती स्मृता कुमारी ने मंगलवार को जिला सांख्यिकी कार्यालय की पहल पर तैयार जन्म–मृत्यु निबंधन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान जिले में जन्म और मृत्यु के शत-प्रतिशत निबंधन को सुनिश्चित करने और आमजन को इसके महत्व से जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
इस अवसर पर डी.डी.सी. ने कहा कि परिवार में होने वाली प्रत्येक जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जन्म या मृत्यु के 21 दिनों के भीतर निबंधन पूरी तरह निःशुल्क किया जा सकता है। समय पर निबंधन न होने पर दस्तावेज तैयार कराने में कई प्रकार की दिक्कतें और कानूनी जटिलताएँ पैदा हो सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जन्म प्रमाण पत्र भविष्य में शिक्षा, सरकारी योजनाओं, पहचान, आयु प्रमाण और कई अन्य अवसरों के लिए आवश्यक और वैध दस्तावेज होता है, इसलिए समय पर निबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं गांवों में जाकर जन्म–मृत्यु निबंधन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और जनहित से जुड़े प्रावधानों की जानकारी आम लोगों को देगा। जिला प्रशासन का मानना है कि जागरूकता बढ़ाने के साथ इस अभियान से लोगों में पंजीकरण की आदत विकसित होगी और जिले में जन्म–मृत्यु निबंधन की स्थिति और मजबूत होगी।
जिला सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह रथ पूरे जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाएगा और लोगों से समय पर निबंधन कराने की अपील करेगा।




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