मॉडल स्टेशन जमुई बदहाली का शिकार, बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे यात्री
जमुई : दानापुर रेल मंडल के कियूल–जसीडीह रेलखंड पर स्थित जमुई रेलवे स्टेशन, जिसे मॉडल स्टेशन का दर्जा प्राप्त है, इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए इस स्टेशन पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ रहा है।
स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अव्यवस्था साफ नजर आती है। प्रतीक्षालय में कई कुर्सियां टूटी हुई हैं, फर्श पर गंदगी और पानी जमा रहता है। नियमित सफाई नहीं होने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जो मॉडल स्टेशन की अवधारणा पर सवाल खड़े करता है।
प्लेटफॉर्म पर लगी पानी की टंकी का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त है। अधिकांश नल टूटे हुए या खराब पड़े हैं। जहां कहीं पानी उपलब्ध है, वहां गंदगी, काई और झाग जमी हुई है, जिससे यात्रियों के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है।
स्टेशन की सबसे गंभीर समस्या प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो पर पिछले आठ महीनों से पड़ा फुटओवर ब्रिज का मलबा है। अंग्रेजी शासनकाल के पुराने फुटओवर ब्रिज को तोड़े जाने के बाद अब तक उसका मलबा नहीं हटाया गया है। भीड़भाड़ के समय यात्रियों के फिसलने और घायल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
महिला यात्रियों के लिए बनाए गए स्तनपान कक्ष की हालत भी चिंताजनक है। यह कक्ष अब कूड़ा और अन्य सामान रखने की जगह बन गया है। वहीं, शौचालयों में पानी, सफाई और दरवाजों की कमी के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को खासा परेशान होना पड़ रहा है।
स्टेशन पर छह टिकट काउंटर होने के बावजूद अक्सर सभी काउंटर एक साथ नहीं खुलते, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है और समय पर टिकट नहीं मिल पाता।
इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक नीतीश कुमार ने बताया कि फुटओवर ब्रिज का मलबा हटाने के लिए संबंधित एजेंसी और विभाग को सूचना दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मलबा हटाने और खराब नलों की मरम्मत कर यात्रियों को राहत देने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

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