जमुई में रिटायर्ड सिविल सर्जन के घर 50 लाख की लूट, थानाध्यक्ष निलंबित
जमुई : जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज लूटकांड की घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत पैदा कर दी। घटना में रिटायर्ड सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी के आवास से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की नकदी और आभूषण चोरी हो गए। घटना की गंभीरता और थानाध्यक्ष की कथित लापरवाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गिद्धौर थानाध्यक्ष एसआई दीनानाथ सिंह को निलंबित कर दिया है।
घटना का विवरण
सूत्रों के अनुसार, यह लूट घटना सोमवार की सुबह 5:00 बजे से 6:00 बजे के बीच हुई। गिद्धौर थाना गेट से मात्र 15 मीटर की दूरी पर स्थित डॉ. सत्यार्थी के आवास में पांच नकाबपोश अपराधियों ने हथियार के बल पर घर में प्रवेश किया। उन्होंने घर में मौजूद डॉ. सत्यार्थी, उनकी पत्नी पुष्पम कुमारी और बेटे डॉ. विक्रम सत्यार्थी को नशे का इंजेक्शन देकर बेहोश किया।
डॉ. विजयेंद्र ने मीडिया को बताया, “हम सो रहे थे, तभी एक बदमाश मेरे सीने पर बैठ गया और रिवॉल्वर तानकर मुझे इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद मेरी पत्नी और बेटे को भी इसी तरह बेहोश किया गया। उन्होंने धमकी दी कि अगर सहयोग नहीं किया तो हमें गोली मार देंगे। इसके बाद उन्होंने घर में रखे गहने और नकदी लूटकर फरार हो गए।”
डॉ. विक्रम सत्यार्थी ने घटना का ब्योरा देते हुए कहा कि बाथरूम से बाहर निकलते समय उन्हें पांच नकाबपोश बदमाश मिले। बदमाशों ने उनके हाथ बांध दिए और उनके परिवार पर बंदूक तानी। उन्होंने यह भी बताया कि लुटेरों ने कहा कि उन्हें डॉक्टर को मारने की सुपारी मिली है और अगर सहयोग नहीं किया गया तो वह उन्हें गोली मार देंगे।
पुलिस कार्रवाई और निलंबन
घटना की जानकारी मिलने के बाद गिद्धौर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया। घटना की गंभीरता और थानाध्यक्ष की कथित लापरवाही के चलते पुलिस अधीक्षक जमुई श्री विश्वजीत दयाल ने अनुशंसा की, जिसके आधार पर पुलिस उप-महानिरीक्षक मुंगेर क्षेत्र के आदेश से थानाध्यक्ष एसआई दीनानाथ सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, जमुई निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नए थानाध्यक्ष की नियुक्ति तक अपर थानाध्यक्ष पु.अ.नि. जयप्रकाश कुमार सिंह गिद्धौर थाना के विधि-व्यवस्था एवं दैनिक कार्यों का प्रभार संभालेंगे।
सामाजिक और सुरक्षा प्रभाव
यह घटना गिद्धौर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। आम लोगों में चिंता बढ़ गई है कि यदि सरकारी उच्चाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो सुरक्षा की भावना कमजोर हो सकती है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे और जिले में सुरक्षा व्यवस्था और सख्ती बढ़ाई जाएगी।
पीड़ितों की वर्तमान स्थिति
पीड़ित डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी, उनकी पत्नी पुष्पम कुमारी और बेटे डॉ. विक्रम सत्यार्थी को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि तीनों की हालत स्थिर है और उन्हें पूरी सुरक्षा के साथ मेडिकल सहायता प्रदान की जा रही है।
इस सनसनीखेज लूटकांड ने न केवल जमुई जिले में सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि पुलिस प्रशासन अब अपराध और लापरवाही पर सख्त कदम उठाने के लिए तैयार है।

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