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Thursday, January 1, 2026

नववर्ष 2026: झारखंड में आस्था और उत्साह का अनोखा संगम

नववर्ष 2026: झारखंड में आस्था और उत्साह का अनोखा संगम

रांची/रामगढ़/देवघर। नए साल के पहले दिन झारखंड के मंदिर और पर्यटन स्थल आस्था और उत्साह से गुलजार रहे। रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर और राज्य के अन्य जिलों में सुबह से ही नववर्ष के स्वागत को लेकर चहल-पहल दिखाई दी। श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए मंदिरों, डैम, पिकनिक स्थलों और बोटिंग स्पॉट्स पर पहुंच गए।

मंदिरों में लंबी कतारें और पूजा-अर्चना

रामगढ़ जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। झारखंड और बिहार सहित अन्य राज्यों से हजारों भक्त पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी रहीं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भक्तों ने नए साल की शुरुआत की।

देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भी आस्था का सैलाब देखने को मिला। मंदिर खुलते ही चार से पांच किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। हिमालयी फूलों से सजा मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन प्रणाली, बैरिकेडिंग और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।

मंदिरों में भक्तों ने नववर्ष के पहले दिन पूजा-अर्चना के साथ अपने परिवार और समाज के कल्याण की कामना की। पंडितों ने मंत्रोच्चार और जलाभिषेक के दौरान विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए।

पर्यटन स्थलों पर उत्साह और आनंद

कोडरमा जिले का ऐतिहासिक तिलैया डैम और गिरिडीह का खंडोली पर्यटन स्थल नववर्ष पर पर्यटकों से खचाखच भरा रहा। लोग बोटिंग, घुड़सवारी और प्रकृति के मनोरम दृश्य का आनंद लेते नजर आए। बच्चों और परिवारों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।

सैलानियों ने प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाते हुए तस्वीरें खिंचवाईं, पिकनिक मनाई और डैम के किनारे नौकायन का आनंद लिया। स्थानीय दुकानदारों और पर्यटन व्यवसायियों को भी नववर्ष पर अच्छी आमदनी हुई।

राजधानी रांची और आसपास के छोटे शहरों के पर्यटन स्थल जैसे तिलैया डैम, बोटेनिकल गार्डन और पार्क भी पर्यटकों से भरे रहे। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पार्किंग, ट्रैफिक नियंत्रण और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की।

सुरक्षा और प्रशासनिक पहल

भीड़ और उत्साह के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और आपातकालीन सेवाओं के पुख्ता इंतजाम किए। मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सड़क मार्ग पर सतर्कता बनाए रखी।

प्रशासन ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भीड़ से बचने, सफाई का ध्यान रखने और कोविड-19 संबंधित सावधानियों का पालन करने की अपील की।

लोकप्रिय स्थल और अनुभव

  • रजरप्पा मंदिर: झारखंड और बिहार के श्रद्धालुओं से भरा रहा, लंबी कतारें और मंत्रोच्चार का माहौल।

  • बाबा बैद्यनाथ मंदिर, देवघर: 4–5 किमी लंबी कतारें, हिमालयी फूलों से सजावट।

  • तिलैया डैम, कोडरमा: बोटिंग, पिकनिक और प्राकृतिक दृश्य का आनंद।

  • खंडोली पर्यटन स्थल, गिरिडीह: घुड़सवारी, बच्चों के लिए पार्क, साइबेरियन पक्षियों की शोभा।

सारांश

नववर्ष 2026 के पहले दिन झारखंड में मंदिरों में आस्था और पर्यटन स्थलों में आनंद का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रशासन और पुलिस के पुख्ता इंतजामों के चलते श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षित और उत्साहित महसूस कर रहे थे। पूरे राज्य में नववर्ष के स्वागत का माहौल उमंग, आस्था और उत्साह से भर गया।

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