जमुई : सुरक्षा बलों ने एक बार फिर नक्सलियों की बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। गढ़ी थाना क्षेत्र के केरुवातरी गांव और मालिन नाला के बीच स्थित जंगल में चलाए गए विशेष सर्च अभियान के दौरान उच्च क्षमता वाला कॉर्डेक्स विस्फोटक बरामद किया गया। यह कार्रवाई नक्सलियों की किसी बड़ी वारदात की योजना को ध्वस्त करने के रूप में देखी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एसएसबी की 16वीं वाहिनी को गुप्त सूचना मिली थी कि इस इलाके में विस्फोटक छिपाकर रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसएसबी के 26 जवान, बारूद खोजी श्वान दस्ता और जमुई पुलिस का बम निरोधक दस्ता शामिल था।
अभियान के दौरान लगभग 200 मीटर क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। जांच में सुरक्षा बलों को करीब 150 मीटर लंबाई का कॉर्डेक्स विस्फोटक मिला। इनमें से 105 से 110 मीटर लंबे हिस्से को अत्यधिक खतरनाक मानते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया, जबकि शेष 40 मीटर विस्फोटक को बरामद कर लिया गया है।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस तरह का विस्फोटक आमतौर पर बड़े हमलों में इस्तेमाल किया जाता है। संभावना है कि नक्सली इसे सुरक्षा बलों की टुकड़ियों को निशाना बनाने के लिए जमा कर रहे थे। हालांकि, समय रहते की गई इस कार्रवाई से उनकी योजना नाकाम हो गई।
यह सर्च अभियान ऐसे समय में चलाया गया है जब चार दिन पहले ही जमुई-झारखंड की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया था। उस घटना के बाद से नक्सली संगठन बौखलाए हुए हैं और लगातार सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं।
एसएसबी और जिला पुलिस ने संयुक्त बयान में कहा है कि इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी रहेगा और नक्सलियों की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस बरामदगी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नक्सली संगठन इलाके में बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों की तत्परता और सतर्कता से जमुई जिले को एक बड़े हादसे से बचा लिया गया।

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