भारत रत्न महान अभियंता एम. विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती पर श्रद्धांजलि, अभियंता दिवस समारोह आयोजित
जमुई : सिंचाई अंचल जमुई की ओर से बुधवार को भारत के महान अभियंता एवं भारत रत्न ई. एम. विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। अधीक्षण अभियंता ई. दीपेंद्र कुमार रजक की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में अभियंताओं एवं कर्मियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और नमन किया।
अधीक्षण अभियंता ई. रजक ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वेश्वरैया एक अद्वितीय व्यक्तित्व थे जिन्होंने अभियंत्रण की विधा से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने अभियंताओं को शुचिता और कर्मठता से कार्य करने का संदेश देते हुए कहा कि विश्वेश्वरैया के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और दूरदर्शिता से असंभव को संभव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देश को उन्नति की दिशा में आगे ले जाने और कुशल प्रबंधन के लिए उन्हें वर्ष 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 14 अप्रैल 1962 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके आदर्श और योगदान आज भी हमें प्रेरित करते हैं। देशभर में उनकी जयंती को अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाना उनके योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने कहा कि विश्वेश्वरैया की तकनीकी सोच और योजनाएँ आज भी प्रासंगिक हैं। विशेष रूप से जल संसाधन और सिंचाई क्षेत्र में उनकी अवधारणाएँ हमें बिहार और देश की समस्याओं के समाधान की राह दिखाती हैं। उन्होंने अभियंताओं से आह्वान किया कि यदि हम उनकी तकनीकों को व्यवहार में अपनाएँ तो बिहार को विकासशील से विकसित राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा सकते हैं।
कार्यपालक अभियंता ई. सूरजभान सिंह ने कहा कि अभियंता दिवस हमें केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि युवा अभियंता यदि विश्वेश्वरैया की दूरदर्शिता को आदर्श मानकर काम करें तो तकनीकी क्षेत्र में भारत दुनिया में अग्रणी बन सकता है।
इस अवसर पर सहायक अभियंता ई. संजय कुमार समेत कई अभियंताओं और कर्मियों ने भी श्रद्धा भाव से उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।
समारोह के अंत में सभी उपस्थित अभियंताओं ने एक स्वर में कहा कि विश्वेश्वरैया जी का जीवन और कार्य राष्ट्र निर्माण की दिशा में पथप्रदर्शक है। अभियंता दिवस न केवल उन्हें याद करने का अवसर है बल्कि तकनीकी नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा का भी दिन है।
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