हड़ताल पर गए विशेष सर्वेक्षण अमीनों पर विभाग सख्त : लॉगिन अकाउंट बंद, नौकरी से हटाने पर विचार - City Channel

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Sunday, August 17, 2025

हड़ताल पर गए विशेष सर्वेक्षण अमीनों पर विभाग सख्त : लॉगिन अकाउंट बंद, नौकरी से हटाने पर विचार

हड़ताल पर गए विशेष सर्वेक्षण अमीनों पर विभाग सख्त : लॉगिन अकाउंट बंद, नौकरी से हटाने पर विचार

पटना/राज्य ब्यूरो :  राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महाअभियान पर अब अमीनों की हड़ताल भारी पड़ने लगी है। विशेष सर्वेक्षण अमीनों के हड़ताल पर चले जाने के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि हड़ताल करने वाले अमीनों को अब नौकरी से हटाने की कार्रवाई तक की जा सकती है। साथ ही इनका लॉगिन अकाउंट बंद करने, कार्यालय में प्रवेश रोकने और सरकारी कार्यों से मुक्त करने का निर्णय भी लिया गया है।

अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस बाबत सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि राजस्व महाअभियान को लेकर पहले से ही पूरी तैयारी की गई है। सभी पंचायतों में दो-दो शिविर लगाकर लोगों की जमीन-जायदाद से संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। हर शिविर में अमीनों को लैपटॉप के साथ मौजूद रहने का आदेश है।

हड़ताल से सरकार नाराज़

विभाग के संज्ञान में यह आया है कि कुछ विशेष सर्वेक्षण अमीन अपनी मांगों को लेकर 16 अगस्त से हड़ताल पर हैं। जबकि बीते 14 अगस्त को विभाग ने बिहार राजस्व अमीन संघ के प्रतिनिधियों से बैठक की थी। उस समय संघ ने भरोसा दिलाया था कि महाअभियान के दौरान हड़ताल नहीं करेंगे, लेकिन वादे के विपरीत आंदोलन पर चले गए।

अमीनों की प्रमुख मांगें

हड़ताल पर गए संविदा अमीन और अभियंता संघ के सचिव विभूति कुमार और सदस्य हर्ष ने बताया कि –

  • हमें नियमित नियुक्ति मिले।
  • सेवा आयु सीमा 60 वर्ष तक बढ़ाई जाए।
  • कनिष्ठ अभियंता की नियुक्ति में 5 अंक वेटेज दिया जाए।
  • हमें एई और जेई के समकक्ष दर्जा मिले।
  • न्यूनतम 60 हजार रुपये वेतन सुनिश्चित किया जाए।
  • प्रति गांव कार्य करने पर 500 रुपये ईंधन भत्ता दिया जाए।

उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

विभाग का संदेश – “जनसेवा से समझौता नहीं”

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राजस्व महाअभियान बड़ी जनसेवा है, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलना है। इसलिए किसी भी स्तर पर अभियान की गतिविधियों में व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएग।

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