जमुई में मतदाता सूची में धांधली का आरोप, भाकपा-माले का प्रतिरोध, गरीबों-दलितों के नाम काटे, मृत लोगों के नाम शामिल : माले
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट, राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई/बिहार : भाकपा-माले ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर मतदाता सूची से गरीबों, दलितों, आदिवासियों और भूमिहीनों के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को जमुई में बाबासाहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष प्रतिरोध सभा आयोजित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता बासुदेव रॉय ने की।
सभा को संबोधित करते हुए माले के युवा नेता बाबू साहब सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव से पहले मतदाता सूची में धांधली की जा रही है। आयोग भाजपा और आरएसएस के इशारे पर 65 लाख मतदाताओं के नाम बिना ठोस आधार के काट रहा है। उन्होंने कहा कि सूची में आज भी ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनकी मृत्यु वर्षों पहले हो चुकी है, जबकि जीवित लोगों के नाम हटा दिए गए हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जमुई विधानसभा के बूथ संख्या 311 में क्रमांक 586 महादेव राम, 580 विजय कुमार, 576 भाषो राम, 508 सगीर अली की मृत्यु 2016 में हो चुकी है, फिर भी उनके नाम सूची में हैं। वहीं, अमजद खान, सद्दाम खान, राजू खान का नाम बूथ संख्या 311 और 308 दोनों पर दर्ज है। कई ऐसे मतदाता हैं जिन्होंने 2019, 2020 और 2024 में मतदान किया, फिर भी उनका नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं है।
नेताओं ने सवाल उठाया कि मृत लोगों के गन्ना प्रपत्र पर किसने हस्ताक्षर किए और उनका नाम कैसे जुड़ा, जबकि जीवित मतदाताओं के नाम हटाए गए।
कार्यक्रम में मोहम्मद हैदर, बासुदेव हासदा, राज किशोर किस्कू, किरण गुप्ता, उचित यादव, दीपमाला, दिलीप गुप्ता, अर्जुन मांझी, तुलसी मांझी, दामोदर पासवान, बहादुर तांती, तेतरी देवी, शांति देवी सहित दर्जनों लोग शामिल हुए।
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