जमुई में बाल दुर्व्यापार रोकने को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला, पखवाड़े का समापन
जमुई/बिहार : राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई में विश्व मानव दुर्व्यापार विरोध दिवस पखवाड़े के समापन के अवसर पर जिले में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम गैर-सरकारी संस्था ग्राम नेहरू युवा ट्रस्ट द्वारा जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन के तहत आयोजित किया गया। कार्यशाला का आयोजन बाल कल्याण समिति कार्यालय परिसर में किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल कल्याण समिति के सदस्य महेश चौधरी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में जिला स्तर पर कई व्यवस्थाएं कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों की उचित देखभाल समिति द्वारा सुनिश्चित की जाती है।
वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सहायक एल.ए.डी.सी. शैलेश कुमार ने बच्चों के लिए उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी, जबकि डिप्टी चीफ पवन कुमार राय ने किशोर न्याय अधिनियम और बाल दुर्व्यापार से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संस्था के सचिव सुनील कुमार मिश्रा ने संस्था द्वारा चलाए गए अभियान की जानकारी देते हुए सभी हितधारकों से बाल दुर्व्यापार रोकने में सहयोग की अपील की।
बताते चलें कि संस्था ने 15 से 30 जुलाई तक जमुई, झाझा, गिद्धौर और सिमुलतल्ला रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ के सहयोग से सघन छापेमारी और जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें उल्लेखनीय सफलता मिली। अभियान का समापन जिला मुख्यालय में समारोहपूर्वक किया गया।
कार्यक्रम में बाल दुर्व्यापार से मुक्त बच्चों के पुनर्वास और सरकारी योजनाओं के लाभ से उन्हें जोड़ने के प्रयासों की भी चर्चा की गई। जानकारी दी गई कि पिछले साल संस्था द्वारा 115 गुमशुदा बच्चों के केस का फॉलोअप किया गया, जिसमें से 34 बच्चों को मुक्त कराकर मुख्यधारा से जोड़ा गया। इस वर्ष भी संस्था बाल तस्करी और गुमशुदगी के मामलों पर सतत कार्य कर रही है।
इस अवसर पर चाइल्डलाइन, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बाल कल्याण समिति, मीडिया प्रतिनिधियों सहित संस्था के समन्वयक कौशल पांडेय, नागमणि, रंजीत पांडेय और आलोक कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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