जमुई–सोनो मार्ग पर आवारा पशुओं का आतंक, वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ीं, जिला प्रशासन से समस्या का समाधान की अपील
सिटी संवाददाता : चन्द्रदेव बरनवाल
सोनो, जमुई/बिहार : एक तरफ जहां श्रावणी मेला के मौके पर जमुई चकाई मुख्य मार्ग एन एच 333 की सड़कों पर प्रतिदिन कॉवरियों से भरा हजारों छोटी बड़ी वाहने जल भरने के लिए अजगेबी नाथ सुल्तानगंज के लिए गुजरते हैं, वहीं सोनो प्रखंड क्षेत्र में आवारा पशुओं का आतंक वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है।
बाबा झुमराज मोड़, बटिया, बेलाटांड़ चौक और काली पहाड़ी चौक जैसे इलाकों में सड़क के बीचों-बीच आवारा पशुओं का जमावड़ा आम हो गया है। ये पशु कई-कई घंटों तक सड़क पर बैठे रहते हैं, जिससे वाहन चालकों को न सिर्फ जाम का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार हादसों की भी नौबत आ जाती है।
तेज रफ्तार से गुजरते कांवरियों से भरे वाहन जब इन मवेशियों से टकरा जाते हैं, तो तुरंत पशु मालिक सामने आकर वाहन चालकों से भारी मुआवजे की मांग करने लगते हैं। भुगतान नहीं करने पर विवाद और मारपीट की स्थिति भी बन जाती है। इससे श्रावणी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की यात्रा का उत्साह फीका पड़ रहा है।
पश्चिम बंगाल के पानागढ़ से सुल्तानगंज जा रहे बस चालक सुनील दत्त ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर बैठे पशुओं को हटाया जाए और उनके मालिकों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जाए। एक ट्रक चालक ने भी बताया कि भारी मालवाहक वाहनों के लिए अचानक सामने आ जाने वाले पशुओं से बच पाना कठिन होता है, और दुर्घटना की स्थिति में हजारों रुपये की मांग कर वाहन रोक दिया जाता है।
चालकों ने जिला प्रशासन जमुई से अपील की है कि जल्द से जल्द सड़कों पर फैले इन आवारा पशुओं की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि वाहनों की निर्बाध आवाजाही और कांवरियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।

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