महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव पहुंचे समस्तीपुर : कहा- चुनावी समर में मैं शांभवी के साथ हूँ
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : आनन्द कुमार/अजय कुमार सिन्हा
समस्तीपुर : समस्तीपुर में पटना के महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने रविवार को समस्तीपुर के एक होटल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस चुनावी समर में वह शांभवी के साथ हैं। चुनाव जीत कर वह सबसे कम उम्र की सांसद बनेगी तो यह पूछा जाएगा कि कहाँ से आयी है तो लोग कहेंगे समस्तीपुर से, इससे समस्तीपुर का नाम रौशन होगा। शांभवी समस्तीपुर का विकास करेगी। आगे वह उन्हें व्यक्तिगत रुप से सहयोग प्रदान करेंगे।
वह अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें जीताने का प्रसास करेंगे। उनके नहीं आने से यह मैसेज जा रहा था कि वह उनका विरोध कर रहे हैं। शादी के समय भी विरोध किया था। इस भ्रांति को दूर करने के लिए समस्तीपुर पहुंचे हैं। उनका पूरा साथ शांभवी के साथ है। वह यहां आकर सभी लोगों से मिले हैं शांभवी में भविष्य है। उन्हें वोट देने का आह्वान किया है।
भारत गौरव अवार्ड से नवाजा जाएगा :
वहीं आचार्य किशोर कुणाल से जब पूछा गया कि दूसरी ओर बिहार सरकार मंत्री महेश्वर हजारी के बेटे सामने हैं तो उन्होंने कहा कि उन्हें किसी के प्रति कोई द्वैश्य नही है। उनका भी भविष्य उजज्जव हो। इस समर में वह शांभवी के साथ हैं। इस संवाददाता सम्मेलन के दौरान राज्य सभा सांसद रामनाथ ठाकुर आदि भी उपस्थित थे।
यहां यह भी बताते चलें कि महावीर मन्दिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल को भारत गौरव अवार्ड से नवाजा जाएगा। संस्कृति युवा संस्था द्वारा 5 जून को राजधानी पेरिस स्थित फ्रांस के सीनेट में आचार्य किशोर कुणाल को यह पुरस्कार दिया जाएगा। संस्कृति युवा संस्था भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने वाला अन्तर्राष्ट्रीय फोरम है जो 28 वर्षों पूर्व गठित हुआ था। आचार्य किशोर कुणाल को संस्था द्वारा 11 वां भारत गौरव पुरस्कार दिया जाएगा।
माकपा ने जताया एतराज :
उधर, महिला संगठन एपवा की जिलाध्यक्ष वंदना सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रहा है कि धार्मिक संस्थानों के प्रमुख द्वारा व्यक्ति एंव दल विशेष के उम्मीदवार के लिए वोट मांगना अनुचित है। यह धर्म को राजनीति में घुसेड़ने का मामला है। इससे गलत परिपाटी की शुरूआत हुई है। इसकी जांच कर चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। आरोप है कि रोसरा के भिड़हा समेत कई मठ मंदिरों के धार्मिक संगठनों के प्रमुख से मिलकर संवाद स्थापित कर शांभवी को जिताने का आह्वान किया गया है। यह चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ है।


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