🔸अगहरा के केंद्र संख्या-19 में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम, जिलेभर में अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों का किया भ्रमण।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट
जमुई: जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित पोषण एवं बाल विकास सेवाओं को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रम में पदाधिकारियों ने पहुंचकर लाभुकों से संवाद किया और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
जमुई प्रखंड के अगहरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-19 में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने गर्भवती माता की गोदभराई की रस्म कराई और छह माह की आयु पूरी कर चुके शिशु का अन्नप्राशन कराया।
पोषण और स्वच्छता पर विशेष जोर
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं एवं लाभार्थियों से संवाद करते हुए जिला पदाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के साथ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से संचालित विभिन्न सेवाओं और गतिविधियों की जानकारी भी ली तथा लाभुकों से पूछा कि उन्हें केंद्र से उपलब्ध सेवाओं का किस प्रकार लाभ मिल रहा है।
झाझा में डीडीसी ने लिया हिस्सा
झाझा प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त ने सहभागिता की। उनके साथ प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, झाझा भी मौजूद रहे।
जिले के अन्य प्रखंडों में भी वरीय पदाधिकारियों ने विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण किया। अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लेने के साथ आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और लाभुकों से संवाद कर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर जोर
‘आंगन का मिलन’ के दौरान मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र लाभुकों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने तथा सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों के अभिभावकों को भी बाल विकास और पोषण से जुड़ी जरूरी बातों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के शुरुआती वर्षों में पोषण और देखभाल का विशेष महत्व है।
सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने की पहल
कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस, जिला परिवहन पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी जमुई श्रीमती वीनू कुमारी, जिला समन्वय एनएनएम, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, लाभार्थी और बच्चों के अभिभावक उपस्थित रहे।
‘आंगन का मिलन’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं को समुदाय से जोड़ने, लाभुकों की समस्याओं को समझने और पोषण एवं बाल विकास संबंधी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया गया।

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