विश्व छात्र दिवस पर पर्यावरण भारती ने किया पौधारोपण, बरगद, तुलसी और आम के पौधे लगाए
🔸लखीसराय के बिछवे में माँ स्कंदमाता पूजन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश; पर्यावरण भारती ने 3,123 पर्यावरण प्रहरियों के जरिए वृक्षारोपण अभियान चलाने की दी जानकारी।
लखीसराय, 15 अक्टूबर। विश्व छात्र दिवस, भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती तथा माँ स्कंदमाता पूजन के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से गुरुवार को बिछवे, चानन में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एक बरगद, दो तुलसी और एक फलदार आम का पौधा लगाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जय प्रकाश शर्मा ने किया। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया।
2008 से पर्यावरण संरक्षण में जुटी है पर्यावरण भारती
पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि संगठन वर्ष 2008 से लगातार वृक्षारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार में अब तक 3,123 पर्यावरण प्रहरी तैयार किए गए हैं, जो सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पौधारोपण अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गैर-सरकारी संगठन के सभी कार्यकर्ता अवैतनिक रूप से सेवा दे रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम करने और प्राकृतिक ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना है।
माँ स्कंदमाता पूजन में आम के पौधे का महत्व
कार्यक्रम के दौरान नवरात्रि और माँ स्कंदमाता की महिमा पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि नवरात्रि के पांचवें दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है। उन्हें प्रेम, ममता और संतान पर स्नेह बरसाने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। भगवान कार्तिकेय का एक नाम स्कंद भी है।
वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में आम के पत्तों का विशेष उपयोग होता है। ऐसे में आम जैसे फलदार वृक्षों का पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी जुड़ा है।
डॉ. कलाम की जयंती पर याद किए गए उनके विचार
पर्यावरणविद् राम चरित्र शर्मा ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के रूप में प्रसिद्ध डॉ. कलाम को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वे विशेष रूप से विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय थे और युवाओं को बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करते थे।
उन्होंने डॉ. कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सपने वही नहीं हैं, जो सोते समय देखे जाते हैं, बल्कि वे हैं जो व्यक्ति को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं। विद्यार्थियों के प्रति उनके लगाव और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए विश्व छात्र दिवस के महत्व पर भी चर्चा की गई।
बड़ी संख्या में लोगों ने लिया हिस्सा
पौधारोपण कार्यक्रम में जय प्रकाश शर्मा, सागर महतो, बादल महतो, राम चरित्र शर्मा, राम बिलास शाण्डिल्य, पीयूष कुमार, आशीष कुमार, मनीष कुमार, आयुष कुमार, राजेन्द्र, छोटू, शिवम, सुधांशु और दीपक सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की गई।

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