जमुई में मीडिया और प्रशासन के बीच विकास को लेकर संवाद, पर्यटन और उद्योग पर बनी रणनीति
🔸एक दिवसीय कार्यशाला में डीएम ने साझा की एक साल की उपलब्धियां, भीमबांध से गिद्धेश्वर तक पर्यटन विकास की योजनाओं पर चर्चा।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई। जिले में विकास की संभावनाओं को नई पहचान देने और प्रशासन तथा मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से शनिवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में ‘मीडिया एवं प्रशासन : विश्वास के साझेदार, विकास के सहयात्री’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले में पर्यटन, उद्योग, आधारभूत संरचना और सामाजिक विकास से जुड़ी उपलब्धियों तथा आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यशाला में जिला पदाधिकारी ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान किए गए प्रयासों की जानकारी साझा करते हुए विकास योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की योजनाओं, जिले की संभावनाओं और सकारात्मक बदलावों को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
पर्यटन स्थलों को जोड़कर विकसित होगा कॉरिडोर
डीएम ने जिले में पर्यटन विकास की भावी योजनाओं पर चर्चा करते हुए गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र, गिद्धेश्वर मंदिर, नौलखा गढ़, परासी पहाड़, गरही डैम, लछुआर, कुंडघाट और महादेव सिमरिया जैसे प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों को जोड़कर समेकित पर्यटन कॉरिडोर विकसित करने की योजना की जानकारी दी।
इसके अलावा बरहट, लक्ष्मीपुर और चोरमारा सहित विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए भूमि चिह्नित करने तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। प्रशासन का उद्देश्य इन क्षेत्रों की प्राकृतिक संपदा को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करना है।
भीमबांध इको टूरिज्म सर्किट के विकास, चोरमारा एवं आसपास के क्षेत्रों में आए बदलाव और शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए डीएम ने जिले की बदलती तस्वीर को रेखांकित किया। वहीं, खेल भवन और श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम के जीर्णोद्धार तथा झाझा के कुम्हैनी डैम सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की पर्यटन क्षमता विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
चकाई में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर जोर
कार्यशाला में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया चकाई दौरे के दौरान औद्योगिक विकास को लेकर दिए गए निर्देशों की जानकारी भी साझा की गई। डीएम ने चकाई क्षेत्र में चिह्नित लगभग 9,000 एकड़ भूमि और वहां मौजूद औद्योगिक संभावनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जिले में निवेश को प्रोत्साहित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास से जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मीडिया ने दिए विकास से जुड़े सुझाव
संवाद सत्र के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने जिले के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। दैनिक जागरण के जिला ब्यूरो प्रमुख संजय सिंह ने नक्सलवाद में कमी के बाद जिले में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए क्रिकेट के विकास के लिए स्टेडियम के मैदान का जीर्णोद्धार कराने, घास लगाने और क्रिकेट के लिए समर्पित मैदान विकसित करने का सुझाव दिया।
जिला पदाधिकारी ने स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए सुझाव को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। अन्य पत्रकारों ने पर्यटन स्थलों के विकास और शहरी क्षेत्रों में जाम की समस्या सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों को उठाया।
प्रशासन और मीडिया के बीच साझा मंच बनाने की पहल
डीएम ने जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रशासन को साथ लेकर एक साझा मंच गठित करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि विकास से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक चर्चा, समस्याओं के समाधान और जनअपेक्षाओं को योजनाओं में शामिल करने के लिए सभी पक्षों की भागीदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण भी किया गया, जिसमें जमुई की बदलती तस्वीर, सकारात्मक पत्रकारिता और प्रशासन तथा जनता के बीच संवाद स्थापित करने में मीडिया की भूमिका को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर उप विकास आयुक्त ने सामाजिक एवं आर्थिक विकास में मीडिया के योगदान की सराहना की और तथ्यपरक तथा संवेदनशील संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जमुई एवं झाझा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित जिले के वरीय पदाधिकारी तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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