🔸5 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों में दिया धरना, जमुई इकाई ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सौंपा मांग-पत्र।
जमुई: अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में राज्यभर के राजस्व अमीन 6 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी में हैं। आंदोलन के पहले चरण में सोमवार को सभी जिला मुख्यालयों में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में जमुई इकाई के राजस्व अमीनों ने भी धरना देते हुए अपनी मांगों से संबंधित पत्र राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सौंपा।
राजस्व अमीनों की प्रमुख मांगों में त्रिस्तरीय पदोन्नति व्यवस्था लागू करना शामिल है। इसके तहत अमीन से कानूनगो/राजस्व अधिकारी तथा इसके बाद सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी/अंचल अधिकारी के पद पर पदोन्नति की मांग की गई है। संघ ने पदनाम बदलकर ‘सहायक राजस्व अधिकारी-तकनीकी’ करने तथा सिविल डिप्लोमा के समकक्ष लेवल-6 वेतनमान देने की भी मांग रखी है।
संघ का कहना है कि पदोन्नति के मामले में उच्च न्यायालय की ओर से भी निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद मांगों के समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से राजस्व अमीनों में असंतोष है।
इन मांगों पर भी जोर
राजस्व अमीनों ने दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों की सेवा संपुष्टि करने, कार्य के दौरान सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने तथा जरीबवाहक की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके अलावा यात्रा के लिए वाहन भत्ता, बायोमेट्रिक उपस्थिति से छूट और नए एसओपी में आवश्यक सुधार की मांग भी शामिल है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश शुरू किया जाएगा। संघ की ओर से कहा गया है कि 6 अक्टूबर से आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी विभाग की होगी।

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