जमुई में 17 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिली सहायता राशि, आत्मनिर्भर बनने का मिलेगा मौका
🔸मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत पहल, श्रृंगार दुकान से लेकर बकरी पालन तक के लिए दी गई आर्थिक सहायता।
जमुई। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जमुई जिले में मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना के अंतर्गत सामाजिक पुनर्वास कोष से जिले की 17 महिला लाभार्थियों को जीविकोपार्जन और आर्थिक स्वावलंबन के लिए सहायता राशि प्रदान की गई।
इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, आय के साधन विकसित करने में सहयोग देना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए सक्षम बनाना है।
छह तरह की जरूरतों के लिए मिली सहायता
सामाजिक पुनर्वास कोष के तहत महिलाओं की जरूरतों और आजीविका संबंधी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके अंतर्गत श्रृंगार सामग्री की दुकान और राशन दुकान शुरू करने, सिलाई कार्य, मुर्गी पालन तथा बकरी पालन जैसे स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहयोग दिया गया।
इसके अलावा, चिकित्सा संबंधी उपचार के लिए भी सहायता राशि प्रदान की गई, ताकि जरूरतमंद लाभार्थियों को आवश्यक इलाज कराने में मदद मिल सके।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
इस पहल से महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा। स्वरोजगार से जुड़कर लाभार्थी नियमित आय अर्जित करने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगी।
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी श्री नवीन उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी श्री सावन और जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. जुलेखा हसमत भी मौजूद रहे। इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) एवं वन स्टॉप सेंटर (OSC), जमुई के कर्मियों ने भी भाग लिया।
सामाजिक पुनर्वास के जरिए सशक्तिकरण की पहल
DHEW और OSC के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक पुनर्वास और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पात्र महिलाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सामाजिक पुनर्वास कोष के तहत 17 महिलाओं को दी गई सहायता को महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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