धमना में विधिक जागरूकता शिविर, ग्रामीणों को RTI और मौलिक कर्तव्यों की जानकारी
🔻जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल, ग्रामीणों को सूचना के अधिकार के उपयोग और नागरिक कर्तव्यों के प्रति किया गया जागरूक।
झाझा, जमुई: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमुई के तत्वावधान में रविवार को झाझा प्रखंड की धमना पंचायत में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य विषय ‘सूचना का अधिकार अधिनियम एवं नागरिकों के मौलिक कर्तव्य’ रहा।
कार्यक्रम का संचालन प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता अशोक प्रसाद केसरी और पारा विधिक सेवक अविनाश कुमार पांडे ने संयुक्त रूप से किया। अधिवक्ता ने ग्रामीणों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना और नागरिकों को सरकारी सूचनाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
ग्रामीणों को बताया गया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत नागरिक सरकारी विभागों से संबंधित सूचनाएं और दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही सूचना के अधिकार और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के संबंध के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिविर में मौलिक कर्तव्यों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान, देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने जैसे कर्तव्यों की जानकारी दी।
वक्ताओं ने कहा कि अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ नागरिकों को अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होना जरूरी है। जागरूक नागरिक ही पारदर्शी व्यवस्था और जिम्मेदार समाज के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में धमना पंचायत के मुखिया प्रतीक शर्मा, सरपंच सौदागर शाह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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