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Sunday, September 6, 2026

गंगा की बाढ़ में डूबा डुमरी दक्षिण, घर छोड़ने को मजबूर पांच हजार से अधिक ग्रामीण

गंगा की बाढ़ में डूबा डुमरी दक्षिण, घर छोड़ने को मजबूर पांच हजार से अधिक ग्रामीण

समस्तीपुर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने समस्तीपुर जिले के डुमरी दक्षिण गांव में तबाही मचा दी है। गांव की पांच हजार से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है। अधिकांश घरों में पानी घुस चुका है और कई परिवार सुरक्षित ठिकानों की तलाश में गांव छोड़ने को मजबूर हैं।

फूस के मकानों में रहने वाले लोग पक्के और छत वाले घरों में शरण ले रहे हैं। वहीं, कई परिवार नाव के सहारे रिश्तेदारों के यहां पलायन कर रहे हैं। गांव में चारों तरफ पानी ही पानी है और घरों के बीच से बाढ़ की तेज धार बह रही है।

आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-115 भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। केंद्र का किचन पूरी तरह जलमग्न है। सेविका मायावती कुमारी के अनुसार केंद्र में 40 बच्चे नामांकित हैं, जबकि करीब 100 बच्चे यहां पहुंचते हैं। मौजूदा हालात में केंद्र का संचालन मुश्किल हो गया है।

ग्रामीण जटहू यादव ने बताया कि उनके घर के दरवाजे पर छह फीट से अधिक पानी है। उन्होंने कहा कि गांव में पहली नाव पहुंची है और प्रशासन की नाव भी दिखाई दे रही है। इसी नाव से 30 से अधिक ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर निकलते नजर आए।

प्रमोद राय ने बताया कि ग्रामीण पिछले चार दिनों से बाढ़ के पानी के बीच फंसे हैं। पर्याप्त सहायता नहीं मिलने से परेशानी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ता रहा तो मकानों के गिरने का खतरा भी बढ़ जाएगा।

देवकी देवी ने बताया कि उनका झोपड़ी का घर बाढ़ में गिरकर बह गया। अब खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं है। मजबूर होकर वह रिश्तेदार के घर जा रही हैं। प्रमिला देवी और राजनंदनी ने भी घर में पानी घुसने के बाद गांव छोड़ने की बात कही।

सरपंच पति कृष्णा कुमार यादव ने बताया कि गांव में लोगों का अनाज तक पानी में डूब चुका है और खाने-पीने की समस्या गंभीर हो गई है। उन्होंने प्रशासन से सामुदायिक किचन शुरू करने और लोगों को निकालने के लिए पर्याप्त नाव उपलब्ध कराने की मांग की।

पटोरी एसडीएम विकास पांडेय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचन शुरू किया जा रहा है। प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का भी वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर और पटोरी प्रखंडों में करीब एक लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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