जतहर गांव में चचरी पुल बनने से खुशी, चचरी पुल से जतहर गांव को मिली राह, समाजसेवी डॉ. नीरज साह ने किया चचरी पुल का उद्घाटन, अब पक्के पुल के इंतजार में ग्रामीण
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट :राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई। खैरा प्रखंड की हरनी पंचायत स्थित जतहर गांव में रविवार को लंबे समय बाद खुशी का माहौल देखने को मिला। मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए वर्षों से परेशान ग्रामीणों के सहयोग और समाजसेवी डॉ. नीरज साह की आर्थिक मदद से तैयार चचरी पुल का उद्घाटन किया गया। पुल बनने के बाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों और युवाओं तक में उत्साह नजर आया।
करीब 500 की आबादी वाले जतहर गांव के लोगों के लिए बरसात का मौसम हमेशा परेशानी लेकर आता रहा है। नदी में पानी बढ़ने के बाद ग्रामीणों के लिए दूसरी ओर जाना मुश्किल हो जाता था। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से वे गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए पक्के पुल की मांग करते आ रहे हैं।
ग्रामीणों और युवाओं ने आपसी सहयोग से चचरी पुल बनाने की पहल की। आर्थिक परेशानी की जानकारी मिलने पर समाजसेवी डॉ. नीरज साह ने ग्रामीणों के आग्रह पर अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग दिया। सहयोग के बाद चचरी पुल का निर्माण पूरा हो सका।
उद्घाटन समारोह में क्षेत्रीय मुखिया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने डॉ. नीरज साह के सहयोग को देखते हुए उन्हीं के हाथों पुल का उद्घाटन कराया।
डॉ. नीरज साह ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि गांव के युवा अपने स्तर से चचरी पुल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक समस्या आड़े आ रही है, तो उन्होंने ग्रामीणों के आग्रह पर सहयोग किया। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के लिए कुछ मदद कर पाना उनके लिए संतोष और खुशी की बात है।
ग्रामीणों ने बताया कि चचरी पुल से फिलहाल आवागमन में काफी राहत मिली है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। बरसात और नदी के तेज बहाव के बीच चचरी पुल की अपनी सीमाएं हैं। ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग अब एक मजबूत और पक्के पुल की है।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी जतहर जैसे गांव के लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए चचरी पुल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से गांव की स्थायी समस्या का समाधान करते हुए पक्के पुल का निर्माण कराने की मांग की है।

No comments:
Post a Comment