पितृपक्ष की शुरुआत पर पर्यावरण भारती ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
🔻वृंदावन-किऊल में 15 पौधे लगाए गए, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के संबंध पर जागरूकता का आह्वान।
लखीसराय। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस एवं पूर्णिमा श्राद्ध के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से वृंदावन, किऊल, चानन क्षेत्र में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फलदार, पुष्प एवं छायादार प्रजातियों के कुल 15 पौधे लगाए गए। पौधारोपण का नेतृत्व शिक्षक अरविंद कुमार ने किया, जबकि हिमालय ने सहयोग किया।
कार्यक्रम के दौरान आंवला, जामुन और कदंब के 5, पारिजात एवं गुलहड़ के 4 तथा सेमल के 6 पौधे लगाए गए। आयोजन में मौजूद लोगों ने पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा, प्रदूषण कम करने, जल संरक्षण और आपदा से सुरक्षित समुदायों के निर्माण के लिए वैज्ञानिक सोच एवं तकनीक के उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने लोगों से पेड़ लगाने, जल बचाने, पॉलीथिन का उपयोग कम करने और बंजर भूमि में तालाब निर्माण जैसे कार्यों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने प्रत्येक परिवार से भावी पीढ़ियों के लिए कम से कम 10 पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा करने का आह्वान किया।
पितृपक्ष के संदर्भ में शाण्डिल्य ने कहा कि इस अवधि में लोग अपने पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं। उन्होंने पूर्वजों की स्मृति में पीपल जैसे देव वृक्ष लगाने को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए पौधारोपण के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में शिक्षक अरविंद कुमार, हिमालय, नीलम देवी, योगेन्द्र साह, अभिषेक कुमार, राकेश कुमार, विशाल, हरि मांझी, संजीव कुमार, अक्षत राज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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