मां की आंखों के आंसू और परिवार का डर... बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा; चार दिन बाद भी मासूम के कातिल का इंतजार, डीएसपी बोले- मामले के बेहद करीब पुलिस, आश्वासन पर टिकी उम्मीद
▪️परिवार घर में रहने को मजबूर, CCTV और FSL जांच के बाद मामले के बेहद करीब, जल्द होगा खुलासा।
सिटी संवाददाता : रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई टाउन थाना क्षेत्र के नीमारंग मोहल्ले में सात साल की बच्ची की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस लगातार मामले की जांच और जल्द खुलासे का दावा कर रही है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से मृत बच्ची के परिवार के साथ पूरे मोहल्ले में भी डर का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद कई बच्चों ने स्कूल जाना तक बंद कर दिया है।
मृत बच्ची के पिता मोहम्मद इकबाल ने बताया कि उनकी बेटी की हत्या हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। पुलिस की ओर से लगातार जल्द अपराधी तक पहुंचने का आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उनके दोनों बच्चे न तो खेलने बाहर जा रहे हैं और न ही ठीक से पढ़ाई कर पा रहे हैं। पूरा परिवार भय के माहौल में है।
इकबाल के अनुसार, बेटी की हत्या के बाद वह और उनकी पत्नी मजदूरी करने तक नहीं जा पा रहे हैं और घर में ही रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में उनकी बेटी की हत्या क्यों और किसने की, यह सवाल उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि बच्ची के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसका स्पष्ट पता पुलिस की जांच और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही चल सकेगा।
सदमे में मां, घर में गूंज रही सिसकियां
बच्ची की मां अब भी गहरे सदमे में हैं। गोद में छोटे बेटे को लेकर वह लगातार रो रही हैं और ठीक से कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। सुबह से शाम तक घर से सुनाई देने वाली रोने की आवाज से मोहल्ले के लोग भी भावुक हैं। आसपास के लोग लगातार परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं और उन्हें न्याय का भरोसा दिला रहे हैं।
मोहल्लेवासी अब्दुल वाहिद ने कहा कि घटना के चार दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने प्रशासन से जांच में तेजी लाने और जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। उनके अनुसार, एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, लेकिन उसमें स्पष्ट रूप से कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
बच्चों में भी बैठा डर
घटना के बाद नीमारंग मोहल्ले के बच्चों में भी भय का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और अभिभावक भी बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। मोहल्लेवासियों की मांग है कि पुलिस जल्द मामले का खुलासा कर दोषी को गिरफ्तार करे, ताकि लोगों के बीच बना डर खत्म हो सके।
राशन लेने निकली थी बच्ची, फिर नहीं लौटी
घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। बच्ची करीब 5:30 बजे राशन का सामान लेने घर से निकली थी। रात करीब 8 बजे तक जब वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों और परिचितों के यहां खोजबीन की गई, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला।
शनिवार सुबह परिजन टाउन थाना में बच्ची के लापता होने की सूचना देने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान एक रिश्तेदार ने अर्धनिर्मित मकान की बाउंड्री के पास बच्ची का शव मिलने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे।
FSL टीम ने भी की जांच
घटना की सूचना मिलते ही एसपी विश्वजीत दयाल और टाउन थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए FSL टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर जांच की गई।
बच्ची के पिता ने उसके साथ गलत काम के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। हालांकि, पुलिस ने इस आशंका की पुष्टि नहीं की है। इसलिए मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार जरूरी है।
“मामले के बेहद करीब पहुंच चुकी है पुलिस”
प्रभारी डीएसपी अभिषेक कुमार ने कहा कि पुलिस मामले के बेहद करीब पहुंच चुकी है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे जो भी हो, उसे कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।
चार दिन बीत जाने के बाद अब मृत बच्ची के परिवार के साथ पूरे नीमारंग मोहल्ले की नजर पुलिस की जांच पर टिकी है। परिजन और स्थानीय लोग उस खुलासे का इंतजार कर रहे हैं, जिससे सात साल की मासूम की मौत के पीछे छिपा सच सामने आए और दोषी को कानून के तहत सजा मिल सके।

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