शिक्षक दिवस पर पर्यावरण भारती ने लगाया 25 पौधों का जीवन संदेश, 1.25 लाख से अधिक पौधारोपण का दावा
सिटी संवाददाता : अंकिता प्रिया की रिपोर्ट।
चानन। शिक्षक दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से 5 सितंबर को एवन क्लासेस परिसर, इटौन, मननपुर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान फलदार जामुन के 9, छायादार सेमल के 11 और औषधीय अमलतास के 5 पौधे लगाए गए। अभियान का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी रणजीत कुमार महतो ने किया, जबकि शक्ति कुमार महतो ने सहयोग किया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि संस्था वर्ष 2008 से पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लगातार पौधारोपण अभियान चला रही है। महापुरुषों की जयंती, पुण्यतिथि और विभिन्न मांगलिक अवसरों पर पौधे लगाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा अब तक 1,25,923 पौधे लगाए जा चुके हैं।
ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए पौधारोपण पर जोर
राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम करने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण जरूरी है। बढ़ता तापमान और प्राकृतिक आपदाएं पर्यावरण असंतुलन की गंभीरता को दर्शाती हैं। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण अभियान को जनअभियान बनाने की अपील की।
उन्होंने शिक्षक दिवस के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि 5 सितंबर को देश के प्रथम उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई जाती है। उनके जन्मदिन को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन प्रसिद्ध दार्शनिक और शिक्षाविद होने के साथ देश के प्रमुख राजनेता भी थे। वर्ष 1952 में वे प्रथम उपराष्ट्रपति बने और 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वर्ष 1962 में वे भारत के राष्ट्रपति बने।
उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन जैसे महान शिक्षाविद की जयंती पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना सार्थक पहल है।
कार्यक्रम में रणजीत कुमार महतो, शक्ति कुमार महतो, अनिल कुमार, सुरेंद्र कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य, आर्या कुमारी, आरव कुमार और अक्षत राज सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।

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