जमुई की तिरंगा यात्रा में दिखी एकता की ताकत, गुरमहा-चोरमारा की बेटियों ने लिखी बदलाव की नई कहानी
▪️डीएम-एसपी के नेतृत्व में शहर की सड़कों पर उमड़ा देशभक्ति का सैलाब, लोकगीत और नृत्य से बच्चियों ने मोहा लोगों का मन।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई, 14 अगस्त : ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत शुक्रवार को जमुई में निकली भव्य तिरंगा यात्रा ने राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकजुटता की शानदार तस्वीर पेश की। सुबह सात बजे श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम से जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और आम नागरिक शामिल हुए।
यात्रा कचहरी चौक, महाराजगंज, खैरा मोड़, बोधवन तालाब, महिसौड़ी चौक, अतिथि पैलेस और बायपास रोड से होकर गुजरी। हाथों में लहराता तिरंगा और देशभक्ति के नारों से शहर का माहौल पूरी तरह राष्ट्रप्रेम से सराबोर नजर आया।
प्रशासन की यात्रा बनी जनता की यात्रा
तिरंगा यात्रा जैसे-जैसे शहर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ी, स्थानीय लोग भी स्वतः इसमें शामिल होते गए। सड़क किनारे खड़े नागरिकों ने तिरंगे का सम्मान किया और यात्रा का स्वागत किया। दुकानों और घरों की छतों से भी लोग इस दृश्य को देखते नजर आए।
आम लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने प्रशासनिक आयोजन को व्यापक जनभागीदारी वाले कार्यक्रम में बदल दिया।
गुरमहा-चोरमारा की बेटियों ने संभाली अगली कतार
यात्रा में सबसे खास और भावुक करने वाला दृश्य गुरमहा और चोरमारा की बच्चियों की मौजूदगी रही। पारंपरिक परिधानों में सजी बच्चियां हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा की अगली कतार में आगे बढ़ीं।
बच्चियों ने लोकगीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुति देकर तिरंगा यात्रा में जमुई की लोक संस्कृति के रंग भी भर दिए। उनकी प्रस्तुति ने लोगों को आकर्षित किया और जमुई की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया।
‘बेटी हूं मैं बेटी...’ ने जीता सबका दिल
यात्रा के समापन के बाद श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में जिला पदाधिकारी ने बच्चियों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान बच्चियों ने ‘बेटी हूं मैं बेटी, मैं तारा बनूंगी, तारा बनूंगी, मैं सहारा बनूंगी...’ गीत प्रस्तुत किया।
बच्चियों की सधी हुई प्रस्तुति और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। इसके बाद बच्चियों ने गुरमहा और चोरमारा के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करते हुए पर्यटकों को जमुई आने का निमंत्रण दिया।
नक्सलवाद के साए से विकास की राह तक
कभी नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चा में रहने वाले गुरमहा और चोरमारा क्षेत्र की बच्चियों का तिरंगा यात्रा में अग्रिम पंक्ति में शामिल होना बदलाव की तस्वीर पेश करता है। आज इन क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़कर अपने भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
तिरंगा यात्रा ने राष्ट्रप्रेम के साथ यह संदेश भी दिया कि शिक्षा, विकास, सुरक्षा और जनभागीदारी के जरिए किसी भी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव संभव है।
जिला प्रशासन की इस पहल में जनता की स्वतःस्फूर्त भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। तिरंगे के साथ आगे बढ़ता यह कारवां जमुई में एकता, राष्ट्रप्रेम, शांति और विकास की नई तस्वीर पेश करता नजर आया।

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