लछुआड़ हाईस्कूल में सखी वार्ता, छात्राओं को महिला सुरक्षा और अधिकारों की दी जानकारी - City Channel

Breaking

Thursday, August 27, 2026

लछुआड़ हाईस्कूल में सखी वार्ता, छात्राओं को महिला सुरक्षा और अधिकारों की दी जानकारी

लछुआड़ हाईस्कूल में सखी वार्ता, छात्राओं को महिला सुरक्षा और अधिकारों की दी जानकारी

▪️बाल विवाह, साइबर अपराध और घरेलू हिंसा के प्रति किया जागरूक, छात्राओं ने बाल विवाह रोकने की ली शपथ।

सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट। 

जमुई। सिकंदरा प्रखंड के लछुआड़ स्थित +2 झारो सिंह पालो सिंह उच्च विद्यालय में 27 अगस्त को सखी वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं महिलाओं को महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, अधिकार, शिक्षा और सरकार की विभिन्न महिला एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक मुकेश कुमार, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ विकाश कुमार एवं लेखा सहायक प्रताप सिंह मौजूद रहे।

मिशन शक्ति की योजनाओं की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति के तहत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC), महिला हेल्पलाइन, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन (DHEW), नारी अदालत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।

छात्राओं को बाल विवाह की रोकथाम, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, लैंगिक समानता और बालिकाओं की शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।

साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय

साइबर सुरक्षा को लेकर छात्राओं को विशेष रूप से जागरूक किया गया। उन्हें सलाह दी गई कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी या निजी जानकारी साझा न करें। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की अपील की गई।

बाल विवाह के खिलाफ छात्राओं ने ली शपथ

कार्यक्रम में छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं बाल विवाह नहीं करेंगे और अपने परिवार, समाज या आसपास भी बाल विवाह नहीं होने देंगे।

बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग या हेल्पलाइन को सूचित करने के लिए भी प्रतिभागियों को प्रेरित किया गया।

ये हेल्पलाइन नंबर बताए गए

महिला हेल्पलाइन: 181

आपातकालीन सेवा: 112

चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098

साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को जागरूक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनने तथा अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

No comments:

Post a Comment

Pages