खैरा में स्मार्ट निवेशक जागरूकता कार्यशाला, सुरक्षित निवेश और साइबर ठगी से बचाव की दी गई जानकारी
▪️सेबी और दलित विकास सेवा संस्थान की संयुक्त पहल, ग्रामीणों को वित्तीय साक्षरता और निवेश के प्रति किया गया जागरूक।
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार
खैरा/जमुई : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और दलित विकास सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को खैरा प्रखंड की अरुणमाबांक पंचायत के अरुणमाबांक, मैनीजोर और एकतरवा गांव में स्मार्ट निवेशक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को सुरक्षित निवेश, वित्तीय साक्षरता और साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर दलित विकास सेवा संस्थान की संस्थापक कुमारी नीतु सिन्हा, संस्थान की सदस्य रत्न प्रिया सिन्हा, सचिव शरण कुमार सिन्हा तथा सेबी के प्रशिक्षक मोहम्मद तैय्यब उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमारी नीतु सिन्हा ने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए नियमित बचत और सोच-समझकर निवेश करना आवश्यक है। वहीं, सेबी के प्रशिक्षक मोहम्मद तैय्यब ने ग्रामीणों को शेयर बाजार और निवेश के मूल सिद्धांतों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता, जोखिम और संभावित लाभ की पूरी जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। उन्होंने अधिक मुनाफे के लालच में बिना जानकारी निवेश करने से बचने की सलाह दी।
कार्यशाला में डिजिटल और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को फर्जी निवेश योजनाओं की पहचान करने और वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि किसी प्रकार की साइबर या वित्तीय ठगी होने पर राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन और सेबी के शिकायत निवारण पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
दलित विकास सेवा संस्थान के सचिव शरण कुमार सिन्हा ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता की कमी के कारण लोग अक्सर फर्जी निवेश योजनाओं का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित निवेश के प्रति जागरूक करना और उनकी मेहनत की कमाई को ठगी से बचाने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।

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