"टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली रफ्तार, 50 मरीजों को मिली पोषण सहायता और फूड बास्केट"
▪️जिलाधिकारी व सिविल सर्जन ने 50 मरीजों को वितरित की फूड बास्केट, 'निक्षय मित्र' बनकर सहयोग की अपील।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई, 24 जुलाई : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य समिति, जमुई के तत्वावधान में शुक्रवार को सदर अस्पताल में विशेष परामर्श एवं पोषण किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी और सिविल सर्जन की मौजूदगी में इलाजरत 50 टीबी मरीजों के स्वास्थ्य की समीक्षा की गई तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सीय और पोषण संबंधी परामर्श दिया गया।
इस दौरान निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत सभी 50 मरीजों को पोषण सहायता राशि के साथ प्रोटीन एवं आवश्यक पोषक तत्वों से युक्त फूड बास्केट भी वितरित की गई, ताकि उपचार के दौरान उन्हें बेहतर पोषण मिल सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। यदि समय पर इसकी पहचान हो और मरीज नियमित रूप से पूरी दवा का सेवन करें, तो वे पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने समाज के सक्षम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से 'निक्षय मित्र' बनकर टीबी मरीजों के पोषण और उपचार में सहयोग करने की अपील भी की।
सिविल सर्जन ने मरीजों को संबोधित करते हुए कहा कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने मरीजों से बिना चिकित्सकीय सलाह के बीच में दवा बंद नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि नियमित उपचार से ही टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, तेजी से वजन घटना या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वे तुरंत अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर निःशुल्क जांच कराएं। अधिकारियों ने कहा कि समय पर जांच और नियमित उपचार ही टीबी उन्मूलन का सबसे प्रभावी उपाय है।

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