अंतर्राष्ट्रीय चन्द्रमा दिवस पर पर्यावरण भारती का पौधारोपण अभियान, रेलवे मैदान में लगाए गए 108 पौधे
▪️'एक पेड़ लगाना, जीवन बचाना' का दिया संदेश, पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील।
कियूल (लखीसराय) : अंतर्राष्ट्रीय चन्द्रमा दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित संस्था पर्यावरण भारती द्वारा सोमवार को रेलवे मैदान, वृन्दावन, कियूल में वृहद पौधारोपण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कुल 108 पौधे लगाए गए, जिनमें 1 पीपल, 93 बेल, 6 जामुन, 5 नीम तथा 3 बहेड़ा के पौधे शामिल रहे। पौधारोपण अभियान का नेतृत्व हिमालय ने किया।
इस अवसर पर पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। वृक्षों से हमें शुद्ध वायु, फल, फूल, औषधियां, लकड़ी और छाया प्राप्त होती है। यही नहीं, वृक्ष वन्य जीवों और पक्षियों को आश्रय प्रदान करते हैं तथा प्रदूषण नियंत्रण, मिट्टी कटाव रोकने, बाढ़ नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि "एक पेड़ लगाना, जीवन बचाना" केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर के आसपास कम से कम दस पौधे लगाकर उनकी पांच वर्षों तक देखभाल करनी चाहिए। यही प्रकृति और मानवता के प्रति सबसे बड़ा योगदान होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शैक्षणिक आयाम प्रांत प्रमुख अरविंद कुमार ने बताया कि 20 जुलाई 2022 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय चन्द्रमा दिवस मनाया गया था। इसकी घोषणा वर्ष 2021 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई 1969 को अपोलो-11 मिशन के तहत अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन पहली बार चन्द्रमा की सतह पर उतरे थे। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष अन्वेषण, शांतिपूर्ण अंतरिक्ष सहयोग तथा चन्द्रमा के सतत उपयोग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर पौधारोपण करना प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश देता है।
पौधारोपण अभियान में राकेश कुमार, अभिषेक कुमार, शिक्षक अरविंद कुमार, हिमालय, अक्षत राज, दीपक कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य तथा प्रेम प्रकाश सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

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