🔹अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गुरमाहा गांव में जिला प्रशासन का विशेष आयोजन, मंत्री श्रेयसी सिंह ने जलमीनार का उद्घाटन कर विकास का दिया भरोसा।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन ने रविवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत पूर्व नक्सल प्रभावित गुरमाहा गांव में विशेष योग शिविर का आयोजन कर विकास, शांति और सामाजिक बदलाव का संदेश दिया। जिस मैदान में कभी नक्सलियों की गतिविधियां और प्रशिक्षण हुआ करते थे, उसी स्थान पर आज सैकड़ों ग्रामीणों ने योग कर नए दौर की शुरुआत का साक्षी बने।
कभी नक्सली गतिविधियों के केंद्र रहे इस मैदान पर स्थापित नक्सली स्मारक को जिला प्रशासन पहले ही ध्वस्त कर चुका है। उसी स्थल के समीप आयोजित योग शिविर ने यह संदेश दिया कि गुरमाहा सहित पूरा क्षेत्र अब भय और हिंसा के दौर से निकलकर विकास, विश्वास और शांति की राह पर आगे बढ़ चुका है। कार्यक्रम में गुरमाहा के अलावा चोरमारा, जमुनिया टांड़, कुमारतरी और मुसहरी टांड़ के ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान स्थानीय लोगों के सहयोग से शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ था और अब इस तरह के आयोजनों के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच संवाद को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
मुख्य अतिथि उद्योग एवं खेल मंत्री तथा जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि वह इस क्षेत्र की नेता नहीं, बल्कि बेटी हैं और एक बेटी की तरह इस इलाके के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का विस्तार कर इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ा जाएगा। साथ ही उन्होंने स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति के लिए प्रतिदिन योग करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मंत्री श्रेयसी सिंह ने गुरमाहा गांव में पहली बार नल-जल योजना के तहत निर्मित जलमीनार का उद्घाटन कर उसे ग्रामीणों को समर्पित किया। उन्होंने एक दिव्यांग बच्चे को ट्राईसाइकिल भी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर होने के बावजूद वर्षों तक नक्सलवाद की वजह से विकास से दूर रहा गुरमाहा गांव अब तेजी से बदलती तस्वीर पेश कर रहा है। योग शिविर ने यह साबित कर दिया कि हिंसा पर विकास, विश्वास और जनभागीदारी की जीत ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

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