ई-पंजीकरण के विरोध में खतौली तहसील में अधिवक्ताओं की हड़ताल, रजिस्ट्री कार्य ठप
सिटी स्टेट ब्यूरो उत्तरप्रदेश : राजीव शर्मा/मनोज कुमार
खतौली, मुजफ्फरनगर : प्रदेश सरकार की नई ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में खतौली तहसील के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, मुंशियों और स्टाम्प वेंडरों ने संयुक्त रूप से कलमबंद हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया। तहसील बार एसोसिएशन के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों अधिवक्ताओं ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की।
हड़ताल के कारण तहसील में रजिस्ट्री और अन्य पंजीकरण संबंधी कार्य पूरी तरह ठप रहे। दूर-दराज से पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा, जिससे आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुभाष चन्द ने कहा कि नई व्यवस्था से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, टाइपिस्टों, मुंशियों और स्टाम्प विक्रेताओं की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं महासचिव सत्यप्रकाश सैनी ने सरकार से मांग की कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।
दस्तावेज लेखक संघ के जिलाध्यक्ष आदेश मोतला ने कहा कि डिजिटलीकरण का विरोध नहीं है, लेकिन इसमें अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की भूमिका सुरक्षित रखी जानी चाहिए ताकि जनता को भी बेहतर सुविधा मिल सके।
धरने को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामलाल बच्ची सैनी, जिला उपाध्यक्ष पंकज सैनी तथा विधानसभा अध्यक्ष सत्यदेव शर्मा ने भी समर्थन दिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता राजवीर सिंह ने किया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा हड़ताल अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगी।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प वेंडर, टाइपिस्ट और मुंशी मौजूद रहे।

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