ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक लामबंद, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी
सिटी स्टेट ब्यूरो उत्तरप्रदेश : राजीव शर्मा/मनोज कुमार
खतौली : प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री एवं पेपरलेस पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प वेंडरों और मुंशियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में उप निबंधक कार्यालयों पर कार्य बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है, जिससे तहसीलों में बैनामा और पंजीकरण संबंधी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
खतौली तहसील में गुरुवार को अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने लगातार तीसरे दिन भी कलमबंद हड़ताल जारी रखी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के माध्यम से पंजीकरण कार्य निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है, जिससे प्रदेश के लाखों अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता, टाइपिस्ट और इस कार्य से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल रोजगार बचाने का नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही व्यवस्था और अधिकारों की रक्षा का भी प्रश्न है। उन्होंने मांग की कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने से पहले सरकार सभी संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा करे तथा किसी भी प्रकार के निजीकरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाए।
हड़ताल के कारण तहसील में संपत्ति पंजीकरण सहित अन्य आवश्यक कार्य पूरी तरह ठप रहे। दूर-दराज से पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका दावा है कि रजिस्ट्री कार्य बंद रहने से सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
धरना-प्रदर्शन में तहसील बार संघ के अध्यक्ष सुभाष चन्द, महासचिव सत्यप्रकाश सैनी, सरदार जितेंद्र सिंह, शकुंतला देवी, वेदप्रकाश उपाध्याय, प्रमोद शर्मा, राजवीर सिंह, सचिन आर्य, मुकेश शर्मा, अभिषेक गोयल, चतरपाल सिंह, दस्तावेज लेखक संघ के जिलाध्यक्ष आदेश मोतला, तहसील अध्यक्ष सुशील वर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प वेंडर, टाइपिस्ट एवं मुंशी मौजूद रहे।

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