फर्जी ओडीएफ घोषणा और शौचालय घोटाले के खिलाफ भाकपा माले का धरना
🔹खैरा प्रखंड की कई पंचायतों की उच्चस्तरीय जांच की मांग, गरीबों को शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने का उठाया मुद्दा।
खैरा/जमुई, 12 जून : खैरा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित किए जाने और शौचालय निर्माण में कथित अनियमितताओं के विरोध में भाकपा माले के नेतृत्व में गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित कचहरी चौक पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। धरने में बड़ी संख्या में खेतिहर मजदूरों, ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
धरना की अध्यक्षता भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य वासुदेव राय ने की। सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिन गरीब परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए अनुदान मिलना चाहिए था, वे आज भी इस सुविधा से वंचित हैं, जबकि कई पंचायतों और गांवों को सरकारी रिकॉर्ड में ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि खैरा प्रखंड के कई गांवों में आज भी बड़ी संख्या में लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं, बावजूद इसके संबंधित पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। उन्होंने जिला प्रशासन से जिले के सभी ओडीएफ घोषित गांवों की उच्चस्तरीय जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए जिला कमिटी सदस्य जयराम तुरी ने कहा कि दलित एवं गरीब बस्तियों में अब भी शौचालयों की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शौचालय निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन वास्तविक लाभ लोगों तक नहीं पहुंचा। ग्रामीण प्रतिनिधि भीम मांझी ने हरनी पंचायत का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके गांव के अधिकांश परिवारों के पास शौचालय नहीं है, फिर भी पंचायत को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है।
धरना के बाद भाकपा माले के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर खैरा प्रखंड के मांगोबंदर, झुंडो, कागेश्वर, चुवा, हरनी सहित अन्य पंचायतों में ओडीएफ घोषणा की जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की जांच संबंधित अधिकारियों से कराई जाएगी तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
धरना कार्यक्रम में मो. हैदर, किरण गुप्ता, भीम मांझी, दामोदर चानो तुरी, दिलीप गुप्ता, दीपमाला, अर्जुन, शांति देवी, तुलसी मांझी, ब्रह्मदेव ठाकुर, रजंती देवी, कृष्ण कुमार मलकर, राजोग गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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