सिटी संवाददाता : ब्रह्मदेव प्रसाद यादव की रिपोर्ट।
झाझा/जमुई : झाझा शहर में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण प्रतिदिन लगने वाले महाजाम से आम लोग परेशान हैं। शहर के मुख्य बाजार, स्टेशन रोड और पुराने बाजार सहित प्रमुख मार्गों पर दिन के समय ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहनों के प्रवेश से घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता गौरव सिंह राठौड़ समेत शहर के बुद्धिजीवियों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से 'नो एंट्री' नियम को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की सड़कें संकरी होने के बावजूद दिन के समय भारी वाहनों का प्रवेश लगातार जारी रहता है। कई बार दो बड़े वाहन आमने-सामने आ जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है, जिससे राहगीरों और छोटे वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नागरिकों का कहना है कि जाम के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे, ट्यूशन के छात्र, कार्यालय आने-जाने वाले लोग तथा मरीजों को लेकर जाने वाली एम्बुलेंस तक घंटों फंसी रहती हैं। वहीं भारी वाहनों की तेज रफ्तार और अनियंत्रित आवाजाही से दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है।
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही झाझा में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर 'नो एंट्री' बोर्ड के साथ पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से आम जनता की सुविधा और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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