🔹भूमि विवाद, अतिक्रमण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश, अधिकारियों को 30 दिनों में शिकायतों का समाधान करने का आदेश।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट
जमुई : जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने शुक्रवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय-3: सबका सम्मान, जीवन आसान' के तहत आयोजित इस जनता दरबार में 32 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद, अवैध अतिक्रमण, अवैध कब्जा, जमीन की पैमाइश में देरी, पारिवारिक विवाद तथा दिव्यांगजनों की समस्याओं से संबंधित थीं। इसके अलावा विधवा पेंशन और खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत जैसी जनसुविधाओं से जुड़े आवेदन भी सामने आए।
जनता दरबार के दौरान जिला पदाधिकारी ने कई मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दूरभाष पर आवश्यक निर्देश दिए। दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने प्रभारी पदाधिकारी, दिव्यांगजन कोषांग को मौके पर बुलाया और उपस्थित दो दिव्यांग फरियादियों को तत्काल ट्राई-साइकिल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। आदेश मिलते ही दोनों लाभार्थियों को ट्राई-साइकिल उपलब्ध करा दी गई।
जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों की निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने का आदेश दिया। भूमि विवाद एवं अवैध कब्जे से संबंधित मामलों को भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायालय में अग्रसारित किया गया, जबकि म्यूटेशन और भूमि नापी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि 'सात निश्चय-3' के तहत प्रत्येक नागरिक का सम्मान सुनिश्चित करना और उनके जीवन को आसान बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं होता है तो वे बिना किसी संकोच के दोबारा जनता दरबार में आकर सीधे उन्हें इसकी जानकारी दें। जिला पदाधिकारी के इस आश्वासन और संवेदनशील कार्यशैली से उपस्थित लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का भाव देखने को मिला।

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