गिद्धौर के विराट महायज्ञ को मिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुभकामना संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश पढ़कर सुनाते समिति के उप सचिव सुशांत साईं सुंदरम
- आयोजन को बताया सनातन संस्कृति का प्रशंसनीय उपक्रम
- सीएम योगी ने पत्र में कहा - रामलला प्राण-प्रतिष्ठा की वर्षगांठ राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक
- पत्र पढ़े जाने पर श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, समिति ने जताया गौरव
गिद्धौर : गिद्धौर स्थित ऐतिहासिक पंचमंदिर परिसर के समीप सनातन संस्कृति सेवा समिति के तत्वावधान में 2 से 10 फरवरी तक आयोजित नौ दिवसीय विराट महायज्ञ, रामकथा एवं रामलीला को लेकर क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास अपने चरम पर है। इसी क्रम में इस विराट आयोजन को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ का शुभकामना संदेश प्राप्त हुआ है, जिसे लेकर संपूर्ण गिद्धौर क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। गौरतलब है कि समिति की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस महायज्ञ, रामकथा एवं रामलीला में सहभागिता हेतु आमंत्रण भेजा गया था। इसके प्रत्युत्तर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बधाई पत्र भेजकर आयोजन की सराहना की है। अपने संदेश में उन्होंने अयोध्या धाम स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ को पूरे राष्ट्र के लिए आध्यात्मिक आनंद, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय अस्मिता के पुनरुत्थान का स्मरणीय पर्व बताया है। उन्होंने लिखा कि यह दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि वह दिव्य क्षण है जिसने भारत की सामूहिक चेतना में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक आत्मगौरव का संचार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में गिद्धौर में आयोजित कलश यात्रा, नौ दिवसीय विराट महायज्ञ और विराट मेले को सनातन धरोहर, लोक परंपराओं, सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक समृद्धि को सुदृढ़ करने वाला अत्यंत प्रशंसनीय उपक्रम बताया। उन्होंने वैदिक विधि द्वारा पवित्र कलश यात्रा, पूर्णाहुति, संत-महात्माओं की उपस्थिति, भक्तिगीत, रामकथा और विविध सांस्कृतिक आयोजनों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में श्रद्धा, सद्भाव, सेवा-भाव और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार होता है, वहीं विराट मेला लोक-संस्कृति और सामुदायिक एकजुटता को और अधिक सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को भारतीय जीवन का आदर्श पुरुष बताते हुए कहा कि श्रीराम का चरित्र धर्मनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता, न्यायप्रियता और लोककल्याण के सर्वोच्च आदर्शों की प्रेरणा देता है। उन्होंने आयोजन के सफल संचालन के लिए समिति के सभी पदाधिकारियों, संत-महात्माओं, सेवाव्रती कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि यह महोत्सव समाज में अध्यात्म, नैतिकता और सांस्कृतिक समृद्धि के नए अध्याय का सूत्रपात करे। मुख्यमंत्री का यह शुभकामना पत्र आयोजन के पांचवें दिन शुक्रवार की देर शाम मंच से श्रद्धालुओं को सुनाया गया। सनातन संस्कृति सेवा समिति के उप सचिव सुशांत साईं सुंदरम ने जैसे ही मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया, पूरा पंडाल तालियों और जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में इस संदेश को लेकर विशेष उत्साह और गर्व देखने को मिला। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सोनू कुमार एवं सचिव सुमन कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे महान संत-राजनेता का शुभकामना संदेश मिलना संपूर्ण गिद्धौरवासियों के साथ-साथ समिति के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह पत्र आयोजन से जुड़े सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक है और इससे समिति को आगे भी सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए नई ऊर्जा मिली है। उल्लेखनीय है कि गिद्धौर में आयोजित नौ दिवसीय विराट महायज्ञ, रामकथा एवं रामलीला निरंतर उत्कर्ष की ओर अग्रसर है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचकर कथा, यज्ञ और रामलीला का लाभ उठा रहे हैं। संपूर्ण क्षेत्र इन दिनों राममय वातावरण, भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक चेतना से सराबोर नजर आ रहा है।

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