महादेव ने भेष बदलकर किए रामलला के दर्शन
- महर्षि वशिष्ठ संग दशरथ के चारों पुत्रों का हुआ नामकरण
- गिद्धौर के विराट महायज्ञ में गूंजी रामकथा
- रामलीला में सीता की खोज के दौरान हनुमान से मिले श्रीराम
गिद्धौर : गिद्धौर में सनातन संस्कृति सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय विराट महायज्ञ श्रद्धा और भक्ति के शिखर की ओर बढ़ता जा रहा है। महायज्ञ के पांचवें दिन शुक्रवार की देर शाम रामकथा के दौरान एक अत्यंत रोचक और भावपूर्ण प्रसंग का वर्णन हुआ, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा प्रवक्ता पंडित कृष्णकांत जी महाराज ने भगवान शिव द्वारा श्रीराम के बालरूप के दर्शन किए जाने और चारों भाइयों के नामकरण की कथा विस्तारपूर्वक सुनाई।
कथा के अनुसार भगवान शिव ने श्रीराम की बाल लीलाओं के दर्शन करने के लिए अयोध्या में एक अद्भुत रूप धारण किया। वे मदारी के वेश में काकभुशुण्डि जी के साथ पहुंचे, जहां काकभुशुण्डि ने बंदर का रूप धारण किया था। महादेव ने राजा दशरथ के राजमहल के द्वार पर डमरू बजाकर खेल दिखाया। इसके बाद शिवजी ने ज्योतिष का रूप धारण कर काकभुशुण्डि के साथ बालक राम की मधुर मुस्कान व किलकारी का साक्षात दर्शन कर आनंद से भर उठे। इसी क्रम में अयोध्या के कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ के साथ मिलकर महाराज दशरथ के चारों पुत्रों राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का विधिवत नामकरण संस्कार संपन्न कराया। कथा के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं में मग्न होकर रामनाम का जाप करते नजर आए।
पंडित कृष्णकांत जी महाराज ने अपने ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण शैली से श्रोताओं को रामकथा के भावसागर में डुबो दिया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया। इधर, महायज्ञ के अंतर्गत आयोजित रामलीला में सीता हरण के पश्चात का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया। माता सीता की खोज में श्रीराम और लक्ष्मण वन-वन भटकते नजर आए। इसी क्रम में उनकी भेंट भगवान शिव के अंशावतार श्रीहनुमान जी से होती है। फिर हनुमान जी दोनों भाइयों को अपने कंधों पर बिठाकर ले जाते हैं। राम-हनुमान मिलन का दृश्य मंच पर आते ही दर्शकों में उत्साह और भक्ति की लहर दौड़ गई। पूरी रामलीला के दौरान पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा और लोग तन्मयता के साथ मंचन का आनंद लेते रहे।
महायज्ञ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन भव्य भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में सनातन संस्कृति सेवा समिति के अध्यक्ष सोनू कुमार, सचिव सुमन कुमार, सह सचिव सुशांत साईं सुंदरम, कोषाध्यक्ष बिट्टू कुमार, सह-कोषाध्यक्ष रॉकी कुमार, उपाध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ पाजो जी सहित संतोष पंडित, सानू कुमार गुप्ता, विकास कुमार, प्रिंस झा, रॉनित कुमार, जॉनी रजक, गोलू कुमार, सत्यम केशरी, अंजेश कुमार एवं अन्य सदस्य पूरे समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
समिति के सदस्य मिथलेश कुमार ने जानकारी दी कि प्रतिदिन शाम 5 बजे से पंडित कृष्णकांत जी महाराज द्वारा श्रीरामकथा का वाचन किया जा रहा है, जबकि शाम 8 बजे से प्रयागराज की रामलीला मंडली द्वारा भव्य रामलीला का मंचन किया जा रहा है। साथ ही प्रतिदिन शाम 7 बजे से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है।
इस विराट आयोजन में राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति भी देखने को मिल रही है। विराट महायज्ञ और रामलीला के माध्यम से इन दिनों गिद्धौर का संपूर्ण वातावरण सनातन संस्कृति, भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक चेतना के साथ-साथ आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश प्रसारित हो रहा है।



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