आत्मा के कल्याण में जिन धर्म प्रभावना की अहम भूमिका : आचार्य श्री भारत भूषण जी महाराज
सिटी स्टेट ब्यूरो उत्तरप्रदेश : राजीव शर्मा/मनोज कुमार
सरधना/खतौली: जिनशासन प्रभावना संघ खतौली की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संघ की कार्यकारिणी ने सरधना नगर में विराजमान आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भविष्य में भी तन, मन और धन से धर्म प्रभावना के कार्यों में समर्पित रहने का संकल्प लिया।
आचार्य श्री ने संघ को आशीर्वचन देते हुए कहा कि आत्मा के कल्याण एवं मोक्ष प्राप्ति में जिन धर्म प्रभावना की महत्वपूर्ण भूमिका है। ज्ञान, तप, आचार और त्याग के माध्यम से धर्म का प्रसार न केवल समाज को दिशा देता है, बल्कि आत्मा को कर्म बंधनों से मुक्त कर सम्यक दर्शन, ज्ञान और चारित्र की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि प्रभावना का वास्तविक उद्देश्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि राग-द्वेष का क्षय कर वीतरागता को अपनाना और आत्मकल्याण की भावना को जागृत करना है।
आचार्य श्री ने बताया कि जिन शासन की प्रभावना का अर्थ उसकी महिमा को बढ़ाना है, ताकि अधिकाधिक जीव मोक्ष मार्ग की ओर प्रेरित हो सकें। आत्म-संयम, शास्त्र अध्ययन, ज्ञान के प्रसार और अहिंसा के पालन से ही सच्ची प्रभावना संभव है। तप और त्याग के माध्यम से आत्मा पर लगे कर्मों के बंधन शिथिल होते हैं, जो मोक्ष का प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने जिनशासन प्रभावना संघ खतौली के युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक भौतिकता के दौर में भी युवाओं ने अल्प समय में धर्म प्रभावना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर संघ को उन्नति के मार्ग पर अग्रसर किया है। उन्होंने सभी को आत्मकल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने की मंगलकामना दी।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष श्री ध्रुव जैन, मंत्री श्री ऋषभ जैन, कोषाध्यक्ष श्री आयुष जैन, उपाध्यक्ष श्री अक्षत जैन, उपमंत्री श्री अर्पित जैन, वरिष्ठ सलाहकार श्री दीपक जैन, सलाहकार श्री पीयूष जैन, श्री दीपांकर जैन, मीडिया प्रभारी श्री अंकित जैन, सह-मीडिया प्रभारी श्री राहुल जैन सहित सदस्यगण श्री अतिशय जैन, श्री शैंकी जैन, श्री संयम जैन, श्री ऋतिक जैन, श्री हर्ष जैन, श्री वंश जैन आदि ने आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा खतौली प्रवास हेतु श्रीफल समर्पित किया।

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