झाझा में बाल श्रम पर बड़ी कार्रवाई: नियोजक पर प्राथमिकी, एक बाल श्रमिक विमुक्त, 31 मार्च 2026 तक चलेगा विशेष रेस्क्यू ड्राइव, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
जमुई : जिले में बाल श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार को झाझा में बड़ी कार्रवाई की गई। श्रम विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान एक प्रतिष्ठान से एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया तथा संबंधित नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, झाझा थाना चौक स्थित एम/एस वकील बिरियानी चिकन हाउस में निरीक्षण के दौरान एक बाल श्रमिक के कार्यरत पाए जाने पर नियोजक वासिम अंसारी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की गई।
श्रम अधीक्षक रतीश कुमार ने बताया कि बिहार में बाल श्रम उन्मूलन के लिए संचालित Pan-India Rescue and Rehabilitation Campaign 3.0 के तहत जमुई जिले के सभी प्रखंडों में 31 मार्च 2026 तक Child Labour Rescue Special Drive चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत ढाबा, दुकान, प्रतिष्ठान, मोटर गैराज, ईंट-भट्ठा, बीड़ी उद्योग तथा अन्य कारखानों में धावा दल द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान बाल श्रम, किशोर श्रम अथवा बंधुआ श्रम पाए जाने पर संबंधित नियोजकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुनर्वास और आर्थिक सहायता का प्रावधान
विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों के पुनर्वास हेतु सरकार और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सहायता प्रदान की जाती है।
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एम.सी. मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार मामले में पारित आदेश के अनुसार, नियोजकों को प्रति बाल श्रमिक 20,000 रुपये जिला बाल श्रमिक पुनर्वास कोष में जमा करना अनिवार्य है।
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योग्य बाल श्रमिकों को तत्काल 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
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14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये तक का अनुदान दिया जाता है।
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14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर, जिनका विवरण चाइल्ड लेबर ट्रैकिंग सिस्टम में दर्ज है, उन्हें भी समान अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
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बाल कल्याण समिति एवं जिला टास्क फोर्स के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, आवास एवं अन्य सुविधाओं से जोड़ा जाता है।
नियोजकों को चेतावनी व अपील
श्रम अधीक्षक ने सभी दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे बाल श्रम नहीं कराने संबंधी शपथ पत्र संयुक्त श्रम भवन, जमुई में जमा करें तथा अपने प्रतिष्ठानों का पंजीकरण बिहार दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम के अंतर्गत RTPS पोर्टल के माध्यम से शीघ्र कराएं।
साथ ही, POSH Act 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर SHe-Box पर अद्यतन जानकारी अपलोड करने की भी अपील की गई है।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन की स्थिति में सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रशासन एवं स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से जागरूकता अभियान भी लगातार संचालित किया जा रहा है।

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