हृदय गति रुकने से आदेशपाल की मौत, गांव में शोक की लहर
सिटी संवाददाता : पंकज बरनवाल
सोनो/चकाई : चकाई प्रखंड क्षेत्र के प्लस टू उच्च विद्यालय नावाडीह शिल्फरी में तैनात आदेशपाल जागेश्वर हेंमब्रम (35 वर्ष) की हृदय गति रुकने से रविवार को अचानक मौत हो गई। मृतक जमुई जिले के चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव के निवासी थे। वे कुछ दिनों की छुट्टी पर घर आए हुए थे। हल्की तबीयत बिगड़ने के बाद अचानक उनकी स्थिति गंभीर हो गई और उपचार से पहले ही उनका निधन हो गया।
परिवार में मचा कोहराम, पत्नी बार-बार हो रही बेहोश
जागेश्वर हेंमब्रम के निधन की जानकारी मिलते ही घर में मातम पसर गया। पत्नी सुनीता टुडू का रो-रोकर बुरा हाल था और वह बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। मृतक अपने पीछे चार पुत्रियाँ और एक पुत्र छोड़ गए हैं। इनमें बड़ा बेटा सेलेन्दर हेंमब्रम (13 वर्ष) वर्तमान में सातवीं कक्षा का विद्यार्थी है। बच्चों पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
विद्यालय परिवार शोकाकुल, प्रधानाध्यापक पहुँचे सांत्वना देने :
निधन की सूचना मिलने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक किशलय प्रसाद एवं शिक्षक मणिकांत कुमार तुरंत हरिहरपुर पहुँचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
प्रधानाध्यापक ने कहा कि “जागेश्वर हेंमब्रम न सिर्फ विद्यालय के एक जिम्मेदार कर्मचारी थे, बल्कि विद्यार्थियों व शिक्षकों के बीच अत्यंत सरल और सौम्य व्यवहार के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से विद्यालय को अपूरणीय क्षति हुई है।”
गांव में शोक का माहौल :
आदेशपाल के अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुँचते रहे। सभी ने उनके विनम्र व्यक्तित्व और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इस मौके पर टोला सेवक बड़कू मरांडी, शुक्रा मुर्मू, छोटन टुडू, सुनील मरांडी, लालू मरांडी, बालेश्वर टुडू, विनोद मुरमुर, दिनेश हेंमब्रम, सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
महिलाओं में सुशीला टुडू, गुड़की मरांडी, सरोजनी टुडू, सोनाली हेंमब्रम, छोटकी मुर्मू आदि मौजूद रहीं।
समाज में व्याप्त शोक, परिजनों के भविष्य को लेकर चिंता
ग्रामीणों ने बताया कि जागेश्वर हेंमब्रम मिलनसार और सहयोगी स्वभाव वाले व्यक्ति थे। उनकी अकाल मृत्यु से गांव के सामाजिक वातावरण में व्यथा का माहौल है। लोग परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

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