मौरा बालू घाट जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने पर किसानों का प्रदर्शन, खनन मंत्री का पुतला दहन
जमुई : मौरा बालू घाट से संबंधित जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किए जाने से आक्रोशित किसानों ने खनन मंत्री विजय सिंह का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। वन पर्यावरण नदी बचाओ संरक्षण समिति के सचिव एवं भाकपा माले नेता बाबू साहब सिंह के नेतृत्व में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के दौरान यह प्रदर्शन किया गया।
धरनार्थी किसानों की मांग है कि मौरा बालू घाट की कथित अवैध बंदोबस्ती, तथ्यों के विलोपन और कथित गुप्त लोक सुनवाई की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही मौरा सहित पूरे जमुई जिले में रात्रि खनन पर पूर्ण रोक लगाई जाए तथा जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। किसानों का आरोप है कि रात्रि खनन पर प्रतिबंध के बावजूद खनन कार्य जारी है, जिस पर प्रशासन सख्ती नहीं दिखा रहा है।
धरना स्थल पर पहुंचे इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सहरसा विधायक आईपी गुप्ता ने किसानों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मौरा बालू घाट की बंदोबस्ती की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। विधायक ने जिला प्रशासन से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा किसानों से सम्मानजनक वार्ता करने की मांग की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अवैध खनन और बंदोबस्ती के मुद्दे को सड़क से लेकर बिहार विधानसभा तक उठाया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की निष्क्रियता से बालू माफिया को संरक्षण मिल रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही आगामी मुख्यमंत्री की प्रस्तावित यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन की भी बात कही गई।
धरना कार्यक्रम में समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़, अशोक सिंह, अशोक यादव, नीरज राजा, अमित सिंह, सरवन सिंह, अनिल रावत, दयानंद झा, विक्रम यादव, टुनटुन सिंह, राजीव शर्मा, मुकेश शर्मा, शैलेश सिंह, अजय सिंह, अवधेश सिंह, संतोष दुबे, कुणाल सिंह, साजन कुमार, सुखदेव भाई, रामस्वरूप रावत सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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