सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में नई वर्ष की पहली कैबिनेट बैठक, 43 एजेंडों पर लगी मुहर
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को नई वर्ष की पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुल 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बिहार–झारखंड के बीच बाणसागर समझौते के तहत सोन नदी के पानी के बंटवारे से लेकर विभिन्न विभागों में बहाली, नए भवन निर्माण और औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सबसे अहम फैसलों में बिहार को 5.75 मिलियन एकड़ फीट तथा झारखंड को 2 मिलियन एकड़ फीट पानी आवंटित करने पर सहमति बनी। साथ ही राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के बजट सत्र की तिथि भी तय कर दी है। बजट सत्र 2 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा।
कैबिनेट ने मुंबई में बिहार भवन निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। विभिन्न विभागों में कुल 961 पदों पर बहाली की स्वीकृति दी गई, जिनमें सबसे अधिक 694 पद कृषि विभाग में सृजित किए गए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट में चार विधि सहायक के संविदा पदों को मंजूरी मिली तथा पूर्ववत 45 विधि लिपिकों का पदनाम बदलकर विधि सहायक कर दिया गया है।
सरकार ने राजकीय पॉलिटेक्निक, बगहा में 45 शैक्षणिक एवं 61 गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन को भी अनुमति प्रदान की है। इस प्रकार कुल 106 नए पदों पर बहाली का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से गया में बनने वाले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए 33 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से 220 केवी बिजली लाइन बनाने को मंजूरी दी गई। वन एवं पर्यावरण संबंधी प्रक्रियाओं को समयबद्ध करने के लिए एक सेवानिवृत्त वन अधिकारी को संविदा पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
वहीं रोहतास जिले में डालमिया सीमेंट लिमिटेड, बंजारी के विस्तार के लिए 107 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से लगभग 594 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकलेंगे। चार चरणों में होने वाली इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों का दौरा करेंगे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य सात निश्चय एवं अन्य विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, जमीनी कार्यों का निरीक्षण तथा जन संवाद के माध्यम से लोगों की समस्याओं को जानना है।
नई वर्ष की यह पहली कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ राज्य में विकास की गति को और तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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