सर्दी में भीमबांध के गर्म जलकुंड बने आकर्षण का केंद्र : हजारों सैलानी ले रहे प्रकृति और इतिहास का आनंद, भ्रमण के लिए परिवार सहित पहुंच रहे गिद्धौरवासी
फोटों कैप्शन : भीमबांध में गर्म जलकुंड में मौज मस्ती करते युवक
गिद्धौर : कड़ाके की ठंड के मौसम में बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भीमबांध में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। गर्म जलकुंड में स्नान और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। खासकर युवा वर्ग में भीमबांध को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
गिद्धौर प्रखंड के कई युवा अपने परिवार और मित्रों के साथ भीमबांध भ्रमण के लिए पहुंच रहे हैं और वहां मौज-मस्ती के साथ प्राकृतिक नजारों का आनंद उठा रहे हैं। बिहार के मुंगेर जिले में स्थित भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य न केवल अपने घने जंगलों और पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां मौजूद प्राकृतिक गर्म पानी के झरने (हॉट स्प्रिंग्स) इसे एक विशिष्ट पहचान देते हैं। सर्दियों के मौसम में ये गर्म जलकुंड पर्यटकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते। गुनगुने पानी में स्नान कर लोग ठंड से राहत पाते हैं और घंटों प्रकृति की गोद में समय बिताते हैं।
भीमबांध का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व भी इसे और खास बनाता है। मान्यता है कि महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां कुछ समय बिताया था और भीम ने एक नदी पर बांध का निर्माण किया था। इसी कथा के कारण इस स्थान का नाम भीमबांध पड़ा। आज भी यहां आने वाले पर्यटक इस पौराणिक कथा से जुड़ाव महसूस करते हैं और स्थल के ऐतिहासिक महत्व को जानने में रुचि दिखाते हैं। युवा साहित्यकार एवं जमुई के इतिहास की गहरी जानकारी रखने वाले गिद्धौर निवासी सुशांत साईं सुंदरम ने बताया कि भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य मुंगेर और जमुई जिले की सीमा पर लगभग 682 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है, जहां बाघ, तेंदुआ, भालू, सांभर, नीलगाय जैसे वन्यजीवों के साथ-साथ अनेक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं।
यही कारण है कि प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भीमबांध एक आदर्श स्थल माना जाता है। उन्होंने आगे बताया कि यहां गर्म और ठंडे पानी के प्राकृतिक स्रोत मौजूद हैं, जो पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। सर्द मौसम में लोग गुनगुने जलकुंड में स्नान का आनंद लेते हैं और आसपास प्राकृतिक तरीके से भोजन भी बनाते हैं, जिससे यह स्थान पिकनिक के लिए बेहद लोकप्रिय बन गया है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभयारण्य क्षेत्र में वनकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि सैलानियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और वन्यजीवों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे।
साथ ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कुल मिलाकर, प्राकृतिक सौंदर्य, पौराणिक महत्व और रोमांच से भरपूर भीमबांध इन दिनों सैलानियों का पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है। सर्दियों की छुट्टियों में यह स्थल न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार और पहचान का माध्यम बनता जा रहा है।

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