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Sunday, December 21, 2025

डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण अस्पताल में मौजूद आयुष चिकित्सक और एक एएनएम ने कराया प्रसव

 डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण अस्पताल में मौजूद आयुष चिकित्सक और एक एएनएम ने कराया प्रसव

- चकाई रेफरल अस्पताल का मामला

- जन्म के बाद नवजात की हालत बिगड़ी

- सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही आई सामने

चकाई, जमुई : जमुई जिले के चकाई रेफरल अस्पताल में रविवार को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। पेटरपहाड़ी पंचायत के कर्माटांड़ गांव की एक प्रसूता को इलाज के लिए सक्षम एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिला, जिससे उसकी जान जोखिम में पड़ गई। इस मामले की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

  दामोदर यादव अपनी बहू जगिया देवी को प्रसव के लिए सुबह 6 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। नियमानुसार वहां एमबीबीएस डॉक्टर को उपस्थित होना चाहिए था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रतीक प्रिया अनुपस्थित थे। उनकी ड्यूटी सुबह 8 बजे से थी, पर वे दोपहर 12:15 बजे तक देवघर में ही थे और लगभग 5 घंटे की देरी से अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण, अस्पताल में मौजूद आयुष डॉक्टर और एक एएनएम ने सुबह 11:30 बजे प्रसव कराया। जन्म के बाद नवजात शिशु रोया नहीं और उसकी हालत बिगड़ने लगी। 

   चूंकि मौके पर कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं था, बच्चे को तुरंत रेफर कर दिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर सही डॉक्टर उपलब्ध होते, तो बच्चे की स्थिति बेहतर हो सकती थी। लापरवाही की हद तब हो गई जब प्रसव पीड़ा से कराह रही मरीज को भर्ती करने के लिए अस्पताल की एएनएम ने परिजनों से सौ रुपए की रिश्वत मांगी। पैसे देने के बाद ही मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया। मौके पर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि सह समाजसेवी अमीर दास ने जब अस्पताल का दौरा किया, तो इमरजेंसी वार्ड को छोड़कर पूरा अस्पताल बंद मिला। 

    उन्होंने अस्पताल प्रभारी डॉ. एस. एस. दास को 10 बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। प्रधान लिपिक मुकेश सिन्हा भी ड्यूटी से गायब थे और उन्होंने खुद को देवघर में बताया। अस्पताल प्रबंधक नवनीत कुमार ने स्वीकार किया कि रविवार होने के कारण ओपीडी बंद था, लेकिन इमरजेंसी में डॉक्टर को मौजूद रहना चाहिए था। जिलाधिकारी को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी उन्होंने डॉ. प्रतीक प्रिया के देरी से आने की बात भी मानी। 

    इस घोर लापरवाही को देखते हुए समाजसेवी अमीर दास ने अस्पताल परिसर से ही सीधे जिलाधिकारी को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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