जमुई दौरे पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का बड़ा ऐलान : भागलपुर में ओलंपिक बैडमिंटन अकादमी और बांका में अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
जमुई : बिहार सरकार की खेल एवं आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने जमुई दौरे के दौरान राज्य में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाली कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भागलपुर में ओलंपिक स्तर की बैडमिंटन अकादमी और बांका जिले के ओढ़नी डैम में अंतरराष्ट्रीय स्तर का वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा।
मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि भागलपुर में प्रस्तावित ओलंपिक स्तर की बैडमिंटन अकादमी का निर्माण कार्य एक महीने के भीतर शुरू हो चुका है। इस अकादमी का नामकरण किसी बड़े और प्रतिष्ठित खिलाड़ी के नाम पर किया जाएगा। वहीं बांका के ओढ़नी डैम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार किया जाएगा, जहां बिहार के खिलाड़ी आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से बिहार के वर्तमान और भावी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का अवसर मिलेगा और राज्य की पहचान वैश्विक खेल मानचित्र पर स्थापित होगी।
श्रेयसी सिंह ने बिहार सरकार की नई ‘सक्षम एवं प्रेरणा’ योजना को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना का पोर्टल 1 जनवरी 2026 से खुलेगा। इसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बिहार सरकार की ओर से स्पॉन्सरशिप और स्कॉलरशिप दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि आर्थिक सहयोग के अभाव में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते थे, लेकिन यह योजना उस कमी को दूर करेगी। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की योजना लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि जब तक हर जिले में खेल अकादमी, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी तैयार नहीं किए जा सकते। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार खेल ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ जैसी योजनाओं से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है और उन्हें रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
मध्य प्रदेश दौरे का उल्लेख करते हुए श्रेयसी सिंह ने कहा कि वहां खेल अकादमियों को जिस मॉडल पर विकसित किया गया है, वही मॉडल बिहार में भी अपनाया जाएगा। पढ़ाई के साथ खेल में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए रहने, खाने और आधुनिक प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले हर जिले में एक-एक एकलव्य कॉलेज खोलने की योजना थी, जिसे बढ़ाकर अब 68 एकलव्य कॉलेज कर दिया गया है। फिलहाल 12 एकलव्य कॉलेज संचालित हैं, जबकि तीन तकनीकी कारणों से बंद हैं। वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी 68 एकलव्य कॉलेजों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने उन्हें समर्थन नहीं दिया और वे “आउट ऑफ साइट, आउट ऑफ माइंड” हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता जमीन से नहीं जुड़े रहते और काम नहीं करते, उनके लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो गया है। विधानसभा सत्र के दौरान भी नेता प्रतिपक्ष का बिहार से बाहर रहना उचित संकेत नहीं है।
राजद के कुछ नेताओं के एनडीए के संपर्क में होने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जब नेतृत्व कमजोर होता है, तो कार्यकर्ताओं और जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है, और यही स्थिति आज देखने को मिल रही है।
वहीं शादी को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री श्रेयसी सिंह मुस्कुराती नजर आईं। उन्होंने कहा कि यदि सही व्यक्ति मिलेगा तो शादी जरूर होगी। समाज की व्यवस्था का पालन सभी को करना चाहिए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सही समय आने पर मीडिया को भी शादी का निमंत्रण दिया जाएगा, लेकिन फिलहाल शादी का कोई इरादा नहीं है।

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