पीएलएफआई के सक्रिय उग्रवादी आलोक यादव ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर किया, एक लाख रुपए का इनाम भी मिला - City Channel

Breaking

Friday, December 19, 2025

पीएलएफआई के सक्रिय उग्रवादी आलोक यादव ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर किया, एक लाख रुपए का इनाम भी मिला

पीएलएफआई के सक्रिय उग्रवादी आलोक यादव ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर किया, एक लाख रुपए का इनाम भी मिला

लातेहार झारखंड में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के सक्रिय सदस्य आलोक यादव उर्फ चंद्रशेखर कुमार यादव ने शुक्रवार को पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह कदम उसने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उठाया।

आलोक यादव पर पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था। उसने एसपी कुमार गौरव, सीआरपीएफ 11 बटालियन के कमांडेंट यादराम सिंह बुनकर और एसएसबी-32 बटालियन के कमांडेंट राजेश सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

आलोक ने बताया कि वर्ष 2007 में अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए वह पीएलएफआई में शामिल हुआ था। संगठन में रहते हुए उसने कोलियरी क्षेत्र तेतरियाखांड व बालूमाथ में चार लोगों की हत्या की। सरेंडर के दौरान उसने एक देसी कट्टा, चार जिंदा गोली और संगठन से संबंधित वर्दी पुलिस को सौंप दी।

पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों ने सरेंडर के बाद आलोक यादव का गुलदस्ता और माला पहनाकर स्वागत किया। उसे प्रतीकात्मक रूप से एक लाख रुपए का चेक भी दिया गया।

एसपी कुमार गौरव ने बताया कि जिले में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों और सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के कारण उग्रवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा और जंगल के रास्ते पर चलने से केवल बर्बादी होती है, जबकि सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा में लौटना बेहतर विकल्प है।

आलोक यादव वर्ष 2007 में पहली बार उग्रवादी संगठन में शामिल हुआ था और पहले जेएमएमपी/पीएलएफआई का सदस्य रहा। जेल से छूटने के बाद वर्ष 2024 में वह पुनः संगठन में सक्रिय हो गया था। उसके खिलाफ हत्या, 17 सीएलए, आर्म्स एक्ट, रंगदारी और धमकी जैसे कुल 35 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें रांची जिले में 19, लातेहार में 10 और चतरा जिले में 6 मामले शामिल हैं।

No comments:

Post a Comment

Pages