जमुई में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जागरूकता व नारी अदालत शिविर का आयोजन
जमुई : जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर झाझा प्रखंड के बाराजोर तथा सोनो प्रखंड के पैरा मटिहाना गांव में आयोजित हुआ, जहां बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ-साथ नारी अदालत के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
शिविर का उद्घाटन करते हुए जिला कलेक्टर श्री नवीन ने कहा कि भारत में जनसंख्या भले ही तेजी से बढ़ रही हो, लेकिन चिंता का विषय यह है कि लड़कियों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 की जनगणना में प्रति हजार लड़कों पर 927 लड़कियां थीं, जबकि 2011 में यह आंकड़ा बढ़कर 943 हुआ, जो सकारात्मक संकेत है, लेकिन अभी और प्रयास की जरूरत है।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लिंगानुपात बढ़ाने के लिए समाज में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बेटियों का गिरता अनुपात बढ़ाना, लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करना, बालिकाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करना और उन्हें शिक्षा से जोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2015 में हरियाणा के पानीपत से शुरू किए गए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को एक महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि बेटी अमूल्य रत्न है और उसके बिना समाज की कल्पना अधूरी है। उन्होंने लोगों से इस अभियान को आत्मसात कर नए और समानता आधारित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
इस अवसर पर डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल, एडीएम रविकांत सिन्हा, डीपीआरओ वीरेंद्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी शिविर को संबोधित किया और लिंगानुपात सुधारने पर जोर दिया। जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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