जमुई में जिला स्तरीय परामर्शदाती एवं समीक्षा समिति की बैठक, बैंकिंग प्रगति पर डीएम ने जताई नाराजगी
जमुई : समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को जिला स्तरीय परामर्शदाती समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की द्वितीय तिमाही की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री नवीन, भाoप्रoसेo ने की।
बैठक के दौरान वार्षिक ऋण योजना की द्वितीय तिमाही की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड), पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, गव्य विकास योजना, पशुपालन एवं मत्स्य पालन के लिए केसीसी, आरसेटी की उपलब्धियां सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले में वार्षिक साख योजना के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले सितंबर तिमाही तक बैंकों द्वारा मात्र 30.56 प्रतिशत ही उपलब्धि हासिल की गई है। इसके अलावा साख जमा अनुपात भी पहली तिमाही की तुलना में घटकर दूसरी तिमाही में 46.17 प्रतिशत रह गया, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी चिंता व्यक्त की।
पीएमईजीपी और पीएमएफएमई योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण में लक्ष्य प्राप्त नहीं होने पर जिलाधिकारी ने बैंकों से कारण पूछा। बैंकों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और कहा कि ऋण वितरण में बैंकों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि शाखाओं में लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जो बैंक निर्धारित दायित्वों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित रहने पर एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के खिलाफ स्पष्टीकरण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया।
इस बैठक में अपर समाहर्ता, महाप्रबंधक, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जीविका प्रतिनिधि, आरसेटी निदेशक तथा सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले के विकास में बैंकिंग संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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